रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून इन दिनों पूरी रफ्तार पर है और प्रदेशभर में लगातार बारिश का दौर जारी है। बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवात के कारण मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 26 अगस्त को सभी 33 जिलों में मध्यम से भारी वर्षा हो सकती है। इस वजह से गणेश चतुर्थी और हरितालिका तीज जैसे त्यौहारों पर लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
सरगुजा संभाग में पिछले तीन दिनों से लगातार बारिश हो रही है। अम्बिकापुर में इस बार मानसून ने 24 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। बलरामपुर जिले की कन्हर नदी उफान पर है, वहीं बांकी जलाशय 10 साल बाद पूरी तरह भर गया है। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक 24 अगस्त तक अम्बिकापुर में पूरे मानसून सीजन की औसत वर्षा का लक्ष्य पूरा हो चुका है।
रविवार को बिलासपुर और सरगुजा संभाग के कई हिस्सों में मध्यम वर्षा दर्ज की गई। रायगढ़ जिले के कापू में सबसे ज्यादा 133 मिमी बारिश हुई, जबकि बस्तर जिले के कारपावन्नद में 60.6 मिमी वर्षा दर्ज की गई। बीते 24 घंटों में रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, सरगुजा और बस्तर संभाग में हुई तेज बारिश से कई गांव जलमग्न हो गए।

मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को रायपुर में आसमान में बादल छाए रहेंगे और कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ हल्की वर्षा हो सकती है। रायपुर का अधिकतम तापमान 29 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री दर्ज हुआ। दुर्ग में अधिकतम तापमान 31.6 डिग्री और न्यूनतम 20.4 डिग्री रिकॉर्ड किया गया।
बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने चक्रवात के चलते अगले दो दिन कम दबाव का क्षेत्र विकसित होने की संभावना है। इससे प्रदेश में भारी बारिश का बड़ा सिस्टम सक्रिय होगा। इस समय मानसूनी रेखा बीकानेर, जयपुर, आगरा, प्रयागराज, डाल्टनगंज, जमशेदपुर और दीघा होते हुए बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है। वहीं दूसरी ट्रफ रेखा हरियाणा और राजस्थान से गुजरते हुए मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और बंगाल तक पहुंच रही है। इन दोनों सिस्टम्स के कारण अगले एक सप्ताह तक पूरे प्रदेश में मध्यम से भारी बारिश का अनुमान जताया गया है।







