बंगाल की खाड़ी से आए चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ का असर छत्तीसगढ़ में साफ दिखने लगा है। बुधवार तड़के तूफान आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम तट से टकराने के बाद अंदरूनी हिस्सों की ओर बढ़ रहा है, जिसके चलते बस्तर संभाग के इलाकों में बारिश और तेज हवाएं शुरू हो गई हैं। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है।
दक्षिण बस्तर में सुकमा और आसपास के जिलों में मंगलवार से ही आसमान में घने बादल छाए और तापमान गिरने लगा। ठंडी हवाओं के साथ बारिश ने मौसम को बिगाड़ दिया है। प्रशासन ने भारी बारिश और संभावित बाढ़ को देखते हुए तैयारी तेज कर दी है, खासकर इंद्रावती, मार्कंडी और नारंगी नदियों के किनारे बसे गांवों तथा निचले इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है।
बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कई जिलों में 28 अक्टूबर को स्कूलों की छुट्टी घोषित कर दी गई है। बस्तर, सुकमा, दंतेवाड़ा, कोंडागांव, बीजापुर, कांकेर और नारायणपुर समेत कई जिलों के सरकारी, निजी और अनुदान प्राप्त स्कूल बंद रहेंगे। कुछ जिलों में आंगनबाड़ी केंद्र भी बंद रखे गए हैं, जबकि नारायणपुर में 28 और 29 अक्टूबर को दो दिन की छुट्टी की घोषणा की गई है।
मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण और मध्य छत्तीसगढ़ में 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं और कुछ स्थानों पर यह 90 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। राज्य के कई जिलों के लिए यलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किए गए हैं, जबकि दक्षिण बस्तर के कुछ हिस्सों में भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट भी रहा है।
प्रशासन ने लोगों से बिना जरूरत बाहर न निकलने, खुले क्षेत्रों, कमजोर पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी है। आने वाले समय में बारिश और हवा के तेज होने से आवागमन प्रभावित हो सकता है।





