रायपुर/रायगढ़। उद्योगों से निकल रहे काले धुएं और रासायनिक प्रदूषण के खिलाफ आज जिला कांग्रेस अध्यक्ष के नेतृत्व में जोरदार प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि उद्योगपतियों की मनमानी पर रोक लगाने में पर्यावरण संरक्षण मंडल पूरी तरह विफल रहा है और अधिकारी “कुंभकरण की नींद” में हैं।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने कहा कि फैक्ट्रियों से निकल रहा काला धुआं और पानी में छोड़े जा रहे केमिकल आम जनता की सेहत के लिए गंभीर खतरा बन चुके हैं। इलाके में अस्थमा, आंखों में जलन, सांस लेने में तकलीफ जैसी बीमारियों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। लोगों का आरोप है कि प्रदूषण के कारण बच्चों और बुजुर्गों की हालत सबसे ज्यादा खराब हो रही है।
कांग्रेस नेताओं ने पर्यावरण संरक्षण मंडल कार्यालय का घेराव कर तत्काल कार्रवाई की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उद्योगों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो विभाग में तालाबंदी की जाएगी और आंदोलन को उग्र किया जाएगा।
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव दिलीप सिंह चौहान ने कहा कि जनता की सेहत के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने मांग की कि प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों पर भारी जुर्माना लगाया जाए, जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो और प्रभावित इलाकों में मेडिकल कैंप लगाए जाएं।
कांग्रेस ने साफ किया कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक आम जनता को जहरीले धुएं और प्रदूषित पानी से राहत नहीं मिलती।



