रायपुर।राजधानी से लगे धरसीवां विधानसभा क्षेत्र के ग्राम नकटी में चल रहा विवाद अब राजनीतिक रूप से और गरमा गया है। आरोप है कि छत्तीसगढ़ सरकार अपने ही वरिष्ठ सांसद बृजमोहन अग्रवाल की बात को भी अनदेखा कर रही है। नकटी गांव के गरीब परिवारों को हटाकर वहां विधायक कॉलोनी निर्माण की तैयारी को लेकर सरकार पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने 7 मई 2025 को मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर स्पष्ट रूप से आग्रह किया था कि ग्राम पंचायत नकटी, विकासखंड धरसीवां के खसरा नंबर 460, रकबा 15.4790 हेक्टेयर भूमि पर प्रस्तावित विधायक कॉलोनी निर्माण पर रोक लगाई जाए। सांसद ने अपने पत्र में कहा था कि उक्त भूमि चारागाह के रूप में सुरक्षित है और वर्षों से यहां 80 से अधिक गरीब परिवार निवास कर रहे हैं।


सांसद ने पत्र में यह भी उल्लेख किया कि छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड द्वारा विधायक कॉलोनी निर्माण के लिए गरीबों के मकानों को हटाने की कार्रवाई मानवीय दृष्टिकोण से उचित नहीं है। उन्होंने सुझाव दिया था कि गरीब परिवारों के आवास को यथावत रखा जाए और यदि निर्माण आवश्यक हो तो शेष खाली भूमि पर ही कॉलोनी बनाई जाए।
लेकिन सांसद की इस स्पष्ट आपत्ति के बावजूद प्रशासन की कार्रवाई नहीं रुकी। नकटी गांव में अतिक्रमण हटाने के नाम पर गरीब परिवारों को गांव से बाहर खदेड़ने की कार्रवाई जारी है। इससे स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है।
ग्रामीणों का कहना है कि वे वर्षों से यहां रह रहे हैं। कई परिवारों ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान बनाए हैं। गांव में सामुदायिक भवन और अन्य सरकारी योजनाओं के ढांचे भी मौजूद हैं। इसके बावजूद प्रशासन उनकी बात सुनने के बजाय उन्हें हटाने पर आमादा है।
अब बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि जब प्रदेश के वरिष्ठ सांसद बृजमोहन अग्रवाल की आपत्ति को भी सरकार गंभीरता से नहीं ले रही, तो आम गरीबों की आवाज आखिर कौन सुनेगा?





