नकटी के उजड़े आशियानों के बीच पहुंचे भूपेश-बैज, बोले— ग्रामीणों के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं

Madhya Bharat Desk
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रायपुर।विधायकों, आईएएस और आईपीएस अधिकारियों के लिए कॉलोनी बनाने के नाम पर राजधानी रायपुर से लगे ग्राम नकटी में सैकड़ों मकानों पर बुलडोजर चलाने का प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कड़ा विरोध किया है। दीपक बैज का कहना है कि रायपुर के आसपास काफी खाली जमीन मौजूद है, जहां वीवीआईपी कॉलोनी बनाई जा सकती है। ऐसे में वर्षों से बसे लोगों को उजाड़ना गलत है। बिना बिजली-पानी वाली बिल्डिंगों में विस्थापित ग्रामीणों को बसाना अमानवीय है।

नकटी गांव में विस्थापन के विरोध में चल रहे आंदोलन को अब प्रदेश कांग्रेस का बड़ा समर्थन मिल गया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, विधायक शिव डहरिया और अन्य कांग्रेस नेता नकटी गांव पहुंचे। यहां उन्होंने ग्रामीणों से मुलाकात की और उनकी परेशानियां सुनीं।

इसके बाद मीडिया से बात करते हुए दीपक बैज ने भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अपने मंत्री, विधायक और अफसरों की सुविधा के लिए साय सरकार वर्षों से बसी बस्ती को उजाड़ने पर तुली हुई है। ग्रामीणों को उनकी पुश्तैनी जमीन, खेती और घर से बेदखल किया जा रहा है। यह सरकार की ज्यादती है।

बैज ने कहा कि नकटी गांव के लोग बेदखली रोकने की मांग लेकर सांसद बृजमोहन अग्रवाल से मिले थे। सांसद ने भरोसा दिलाया था कि गांव नहीं उजड़ेगा, लेकिन इसके बावजूद लगातार मकान तोड़े जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि खेती-किसानी के समय और बरसात के मौसम में ग्रामीणों को बेघर करना बिल्कुल गलत है।

दीपक बैज ने कहा कि नकटी गांव के लोगों के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। कांग्रेस विधायक मानसून सत्र में यह मुद्दा उठाएंगे। करीब 35 साल से बसे सैकड़ों परिवारों को अचानक बेघर कर दिया गया है। राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच नकटी गांव के लोगों का दर्द सबसे बड़ा मुद्दा बन गया है।

अंग्रेजों से भी ज्यादा जुल्म: बैज

ग्रामीणों से मिलने के बाद दीपक बैज विस्थापित परिवारों को बसाई गई बिल्डिंगों का हाल देखने पहुंचे। वे एक बिल्डिंग की चौथी मंजिल तक अंजुला बाई साहू के बच्चे को गोद में लेकर सीढ़ियों से पहुंचे। वहां गैलरी में ग्रामीणों का सामान—गद्दे, चादर, अनाज, कपड़े और घरेलू सामान बिखरा पड़ा था।

महिलाओं ने बताया कि एक-एक कमरे में चार-चार परिवारों को रखा गया है। यहां न पानी की सुविधा है और न बिजली की। यह सुनते ही बैज नाराज हो गए। उन्होंने कहा कि इतनी गर्मी और उमस में बिना बिजली-पानी के चार परिवारों को एक कमरे में रखना भाजपा सरकार की संवेदनहीनता दिखाता है। बैज ने कहा कि इतना जुल्म तो अंग्रेजों ने भी नहीं किया था।

मकानों का पूरा मुआवजा मिले: बघेल

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने गरीब परिवारों के घर तोड़े हैं, जबकि प्रभावशाली लोगों के मकानों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।

बघेल ने मांग की कि जिन लोगों के घर तोड़े गए हैं, उन्हें मकानों का पूरा मुआवजा दिया जाए। साथ ही जिनकी आजीविका प्रभावित हुई है, उसकी भी भरपाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पहले प्रभावित लोगों के पुनर्वास की पूरी व्यवस्था होनी चाहिए थी, उसके बाद ही कार्रवाई की जानी चाहिए थी।

भूपेश बघेल ने कहा कि सरकार ने गरीबों पर बुलडोजर चलाकर ताकत दिखाने की कोशिश की है। उन्होंने भाजपा नेताओं बृजमोहन अग्रवाल और अनुज शर्मा का नाम लेते हुए कहा कि अगर वे पहल करते तो किसी का घर नहीं टूटता। उन्होंने मांग की कि गांव के आसपास मौजूद सभी अवैध कब्जों पर भी समान रूप से कार्रवाई होनी चाहिए।

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