बीजापुर में बड़ा आत्मसमर्पण: ₹1.41 करोड़ के इनामी 52 माओवादियों ने छोड़ा हिंसा का रास्ता

Madhya Bharat Desk
3 Min Read

बीजापुर।बस्तर संभाग के बीजापुर जिले में माओवादी उन्मूलन की दिशा में गुरुवार को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। साउथ सब जोनल ब्यूरो से जुड़े कुल 52 माओवादियों ने हिंसा और हथियारों का त्याग करते हुए आत्मसमर्पण किया। आत्मसमर्पण करने वाले इन माओवादियों पर कुल ₹1.41 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था। इनमें 21 महिलाएं भी शामिल हैं, जो लंबे समय से संगठन की सक्रिय सदस्य थीं।

अलग-अलग संगठनों से जुड़े थे माओवादी

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आत्मसमर्पित माओवादी दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (DKSZC), आंध्र-ओडिशा बॉर्डर (AOB) डिवीजन और माड़ डिवीजन से संबंधित थे। इनमें माड़ डिवीजन का कुख्यात डीवीसीएम लक्खू कारम उर्फ अनिल भी शामिल है, जो संगठन के अहम कैडर में गिना जाता था।

लोकतंत्र और संविधान में जताया विश्वास

आत्मसमर्पण के दौरान सभी माओवादियों ने भारतीय संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपनी आस्था व्यक्त की। राज्य सरकार की ‘पूना मारगेम: पुनर्वास से पुनर्जीवन’ नीति के तहत प्रत्येक आत्मसमर्पित माओवादी को ₹50,000 की तात्कालिक सहायता दी गई है, ताकि वे मुख्यधारा में सम्मानजनक जीवन शुरू कर सकें।

पुलिस अधीक्षक की अपील

बीजापुर पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेंद्र कुमार यादव ने कहा कि सरकार की पुनर्वास नीति और लगातार कार्रवाई से माओवादी संगठन कमजोर हो रहा है। उन्होंने शेष माओवादियों से अपील की कि वे हिंसा छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटें।
उन्होंने बताया कि जनवरी 2024 से अब तक जिले में

  • 876 माओवादी आत्मसमर्पण कर चुके हैं
  • 1,126 माओवादी गिरफ्तार किए गए हैं
  • 223 माओवादी मुठभेड़ों में मारे गए हैं

माओवादी नेटवर्क को बड़ा झटका

शीर्ष माओवादी नेताओं भूपति और रूपेश के बाद हालिया आत्मसमर्पण से संगठन की कमर टूटती नजर आ रही है। अब शीर्ष नेतृत्व में केवल पापाराव के सक्रिय होने की जानकारी है। वर्ष 2025 में ही राज्यभर में करीब 550 माओवादी मुठभेड़ों में मारे गए, जबकि 2,500 से अधिक माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया।

मुख्यमंत्री का बयान

बीते 48 घंटों में 81 माओवादियों के आत्मसमर्पण को लोकतंत्र की बड़ी जीत बताते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह हिंसक विचारधारा पर विकास और विश्वास की निर्णायक विजय है। बस्तर में अब भय की जगह शासन, सुरक्षा और विकास योजनाएं भविष्य का रास्ता बना रही हैं।

Share on WhatsApp

Share This Article
Leave a Comment