रायपुर।स्टाइपेंड बढ़ाने समेत 17 सूत्रीय मांगों को लेकर छत्तीसगढ़ के जूनियर डॉक्टरों ने आज, 24 सितंबर से ओपीडी सेवाओं के बहिष्कार का ऐलान किया है। डॉक्टरों का कहना है कि मांगों पर अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है, जिसके चलते प्रदेशभर में नाराजगी है।
जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन के अनुसार, 18 सितंबर को स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के साथ मांगों को लेकर चर्चा हुई थी। बैठक में मांगों पर विचार का आश्वासन दिया गया, लेकिन अब तक स्टाइपेंड बढ़ाने या अन्य मांगों के संबंध में कोई स्पष्ट आदेश जारी नहीं हुआ है।
डॉक्टरों की प्रमुख मांगों में एमबीबीएस इंटर्न, पीजी रेजिडेंट, बॉन्डेड डॉक्टर और सुपर स्पेशियलिटी डॉक्टरों के स्टाइपेंड एवं मानदेय में बढ़ोतरी शामिल है। इसके अलावा बॉन्ड की अवधि कम करने और सेवा शर्तों में सुधार की मांग भी की जा रही है।
जूनियर डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो 28 सितंबर से इमरजेंसी सेवाओं का भी बहिष्कार किया जा सकता है। इससे सरकारी अस्पतालों में मरीजों की परेशानियां बढ़ने और स्वास्थ्य सेवाओं पर अतिरिक्त दबाव पड़ने की आशंका है।
डॉक्टरों का कहना है कि उन्होंने पहले भी सरकार के आश्वासन के बाद आंदोलन स्थगित किया था, लेकिन मांगों पर कार्रवाई नहीं होने से उन्हें दोबारा आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।






