रायपुर में लापरवाही का काला सच: गटर में मौतें और अनशन स्थल पर बिगड़ती व्यवस्था

Madhya Bharat Desk
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छत्तीसगढ़ी समाज पार्टी और छत्तीसगढ़ संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा रायपुर पुलिस अधीक्षक को दो अलग-अलग गंभीर मामलों में आवेदन सौंपे गए हैं। इन आवेदनों के जरिए एक ओर अस्पताल में हुई मौतों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है, वहीं दूसरी ओर अनशन स्थल की सुरक्षा को लेकर प्रशासन को सतर्क किया गया है।

पहले मामले में 17 मार्च 2026 को रायपुर के रामकृष्ण केयर अस्पताल में हुई दर्दनाक घटना का जिक्र किया गया है। आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने आर्थिक लालच देकर तीन नवयुवकों—अनमोल मंडावी, गोविंद सैंडे और सत्य प्रकाश—से करीब 20 फीट गहरे गटर टैंक की सफाई करवाई। इस काम के लिए प्रत्येक को 5–5 हजार रुपये देने का लालच दिया गया था।

सफाई के दौरान जहरीली गैस के संपर्क में आने से एक युवक बेहोश हुआ और देखते ही देखते तीनों की मौत हो गई। आवेदन में कहा गया है कि घटना के समय किसी भी प्रकार की सुरक्षा व्यवस्था मौजूद नहीं थी, जो साफ तौर पर घोर लापरवाही और गैरकानूनी कृत्य को दर्शाता है। मामले में एफआईआर दर्ज कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई और पूरे घटनाक्रम की जांच की मांग की गई है।

वहीं दूसरे आवेदन में छत्तीसगढ़ संयुक्त किसान मोर्चा ने शहीद वीर नारायण सिंह प्रतिमा स्थल पर चल रहे अनशन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था की मांग उठाई है। बताया गया कि 10 दिसंबर 2025 से राज्य आंदोलनकारियों द्वारा अनशन जारी है, जहां लगातार कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं। लेकिन इस दौरान असामाजिक तत्वों द्वारा अव्यवस्था फैलाने की घटनाएं सामने आ रही हैं।

मोर्चा ने प्रशासन से अनशन स्थल पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने और सुरक्षा मजबूत करने की मांग की है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।

इस पूरे मामले की जानकारी छत्तीसगढ़ी समाज पार्टी के सदस्य अनिल दुबे द्वारा दी गई है।

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