खेल प्रतिभाओं के लिए बृजमोहन का बड़ा प्लान, CSR का आधा फंड और मेडल विजेताओं को नौकरी

Madhya Bharat Desk
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अहमदाबाद/रायपुर।रायपुर सांसद और वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने मंगलवार को शिक्षा, महिला, बाल, युवा एवं खेल संबंधी संसदीय स्थायी समिति के गुजरात अध्ययन दौरे के दौरान अहमदाबाद में हुई समीक्षा बैठक में खेल और खिलाड़ियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए।

बैठक के पहले सत्र में बृजमोहन अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ समेत देशभर में खेल सुविधाओं को बेहतर बनाने और खिलाड़ियों के भविष्य को सुरक्षित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत 2030 के कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी और 2036 के ओलंपिक आयोजन की दावेदारी की दिशा में आगे बढ़ रहा है। ऐसे में गांव और छोटे शहरों से निकलने वाली खेल प्रतिभाओं को बेहतर सुविधाएं देना जरूरी है।

CSR फंड का 50% खेल सुविधाओं पर खर्च करने का सुझाव

बृजमोहन अग्रवाल ने सुझाव दिया कि सार्वजनिक उपक्रमों (PSUs) और लीड बैंकों के CSR फंड का कम से कम 50 प्रतिशत हिस्सा खेल अधोसंरचना के विकास पर खर्च करने पर विचार किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि CSR की राशि सिर्फ संबंधित संस्थानों के आसपास के क्षेत्रों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उन इलाकों में भी इस्तेमाल होनी चाहिए जहां प्रतिभा तो है, लेकिन खेल मैदान, प्रशिक्षण और उपकरण जैसी सुविधाएं नहीं हैं।

उन्होंने खासतौर पर छत्तीसगढ़ के आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों में आधुनिक खेल मैदान, प्रशिक्षण केंद्र और जरूरी उपकरण उपलब्ध कराने की जरूरत बताई। उनके मुताबिक, इन क्षेत्रों में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है।

छत्तीसगढ़ को बताया हॉकी की नर्सरी

अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ लंबे समय से हॉकी की नर्सरी के रूप में अपनी पहचान रखता है। इस वर्ष प्रदेश में पहली बार खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का आयोजन हुआ, जिसमें देश के 30 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से करीब 3,800 खिलाड़ियों और प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।

उन्होंने कहा कि यह आयोजन दिखाता है कि छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं के साथ-साथ बड़े राष्ट्रीय स्तर के खेल आयोजनों को सफलतापूर्वक कराने की क्षमता भी है।

उन्होंने खेलो इंडिया और फिट इंडिया अभियान को आगे बढ़ाने के लिए CSR के माध्यम से स्कूल-कॉलेजों में खेल मैदान और उपकरण उपलब्ध कराने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि ध्यान सिर्फ पदक जीतने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि बच्चों के स्वास्थ्य, फिटनेस और बुनियादी खेल सुविधाओं पर भी उतना ही ध्यान दिया जाना चाहिए।

पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को 100% रोजगार का सुझाव

बृजमोहन अग्रवाल ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले तथा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले चयनित खिलाड़ियों को सरकारी विभागों के साथ-साथ सार्वजनिक उपक्रमों (PSUs) में भी 100 प्रतिशत रोजगार देने का सुझाव दिया।

उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को अगर खेल के साथ भविष्य की सुरक्षा का भरोसा मिलेगा, तो ज्यादा से ज्यादा युवा खेल को करियर के रूप में अपनाने के लिए आगे आएंगे।

आंगनवाड़ी और पोषण का मुद्दा भी उठाया

बैठक के दूसरे सत्र में ‘सक्षम आंगनवाड़ी एवं मिशन पोषण 2.0’ के देशभर में क्रियान्वयन और आगामी रणनीति पर चर्चा हुई।

बृजमोहन अग्रवाल ने महिलाओं और बच्चों में कुपोषण और एनीमिया की रोकथाम के प्रयासों में छत्तीसगढ़ की स्थिति को प्रमुखता से रखा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा 15वें वित्त आयोग की अवधि के लिए ₹1,81,703 करोड़ के कुल वित्तीय आवंटन के साथ चलाए जा रहे मिशन पोषण 2.0 का लाभ जमीनी स्तर तक प्रभावी और पारदर्शी तरीके से पहुंचना चाहिए।

बस्तर और सरगुजा जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान की जरूरत

अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ के वनांचल, बस्तर और सरगुजा जैसे दूरस्थ क्षेत्रों में कुपोषण और एनीमिया की समस्या को खत्म करने के लिए विशेष प्रयास किए जाने चाहिए।

उन्होंने पूरक पोषण कार्यक्रम, पोषण ट्रैकर की डिजिटल मॉनिटरिंग और आंगनवाड़ी केंद्रों के आधुनिकीकरण में तेजी लाने की जरूरत बताई।

आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को समय पर मानदेय और प्रशिक्षण मिले

बैठक में पोषण ट्रैकर ऐप, फेस रिकॉग्निशन सिस्टम और आधार सत्यापन जैसी तकनीकी व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई।

बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि देशभर में करीब 14 लाख आंगनवाड़ी केंद्रों और 13.30 लाख से ज्यादा कार्यकर्ताओं के माध्यम से करोड़ों लोगों तक सेवाएं पहुंचाई जा रही हैं। ऐसे में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को समय पर मानदेय, सामाजिक सुरक्षा बीमा और डिजिटल प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की व्यवस्था और मजबूत की जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि ‘सक्षम आंगनवाड़ी’ के तहत केंद्रों को एलईडी स्क्रीन, वाटर प्यूरिफायर, प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा सामग्री और पोषण वाटिका जैसी सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ के सभी आंगनवाड़ी केंद्रों को इसी तरह आधुनिक और सुविधायुक्त बनाने से बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास को बेहतर दिशा मिल सकती है।

बैठक में समिति अध्यक्ष मुकुल वासनिक सहित समिति के सदस्य और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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