शिक्षा हासिल करने के लिए स्कूली बच्चों को हर दिन जान जोखिम में डालनी पड़ रही है। मैनपुर तहसील मुख्यालय से करीब 5 किलोमीटर दूर देहारगुड़ा और खामभाठा के बीच पैरी नदी पर बन रहा पुल पिछले 5-6 वर्षों से अधूरा पड़ा है। बारिश के दिनों में नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद दर्जनों बच्चे अधूरे पुल के करीब 20 फीट ऊंचे पिलर पर लगी लोहे की संकरी सीढ़ी के सहारे स्कूल आने-जाने को मजबूर हैं।
बारिश के कारण सीढ़ियों पर फिसलन बढ़ जाती है। बच्चों के कंधों पर स्कूल बैग और नीचे नदी का तेज बहाव होने से खतरा और बढ़ जाता है। निर्माणाधीन पुल के आसपास खुले लोहे के सरिए और रॉड भी हादसे का कारण बन सकते हैं।

ग्रामीणों के अनुसार पुल निर्माण में देरी को लेकर कई बार प्रशासन और संबंधित विभाग से शिकायत की गई। करीब एक वर्ष पहले क्षेत्रीय विधायक जनक ध्रुव और तत्कालीन कलेक्टर भगवान सिंह उईके ने भी मौके का निरीक्षण कर निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दिए थे। निर्माण एजेंसी ने निर्धारित समय में काम पूरा करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक पुल अधूरा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि करोड़ों रुपये की लागत से बन रहा करीब 300 मीटर लंबा पुल वर्षों से धीमी गति से बन रहा है। उनका कहना है कि यदि किसी बच्चे के साथ हादसा होता है तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी?
NH-130C पर चक्काजाम की चेतावनी
सरपंच महेश दीवान, जनपद सदस्य प्रताप सिंह मरकाम सहित ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था करने और पुल निर्माण जल्द पूरा कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो छात्र-छात्राओं के साथ NH-130C पर आंदोलन और चक्काजाम किया जाएगा।








