छत्तीसगढ़ के जगदलपुर स्थित पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय से जुड़े बहुचर्चित वेतन घोटाले की जांच में लगातार बड़े खुलासे हो रहे हैं। शुरुआती जांच में वर्ष 2023 से 2026 के बीच करीब 2 करोड़ रुपये के गबन का अनुमान लगाया गया था, लेकिन अब जांच में सामने आई नई जानकारी के अनुसार घोटाले की राशि बढ़कर 3 करोड़ 40 लाख रुपये तक पहुंच गई है। इससे स्पष्ट है कि मामला पहले की तुलना में कहीं अधिक गंभीर और व्यापक है।
जांच में खुलासा हुआ है कि एसपी कार्यालय के अकाउंट सेक्शन में पदस्थ एक बाबू ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर इस पूरे फर्जीवाड़े को अंजाम दिया। आरोपियों ने सैलरी नोटशीट की हार्ड कॉपी में छेड़छाड़ कर वेतन राशि में हेरफेर किया और लंबे समय तक इस तरीके से सरकारी धन का गबन करते रहे।

मामले का खुलासा होने के बाद तीनों आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से सभी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
वहीं, जांच एजेंसियों का कहना है कि दस्तावेजों की गहन जांच अभी जारी है और घोटाले की वास्तविक राशि में आगे भी बढ़ोतरी हो सकती है। जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है और इस बात की भी पड़ताल की जा रही है कि इस पूरे फर्जीवाड़े में अन्य लोगों की भूमिका तो नहीं रही।





