​बाघ संरक्षण बनाम विकास: डिपॉजिट-4 में माइनिंग को लेकर उठ रहे सवाल

Madhya Bharat Desk
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बैलाडीला।बैलाडीला क्षेत्र के डिपॉजिट-4 में खनन लीज मिलने के बाद अब राजा बंगला ग्रासलैंड के भविष्य को लेकर चिंता गहराने लगी है। यह क्षेत्र लंबे समय से बाघ समेत कई दुर्लभ वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास और आवाजाही का महत्वपूर्ण गलियारा माना जाता है। स्थानीय ग्रामीणों और पर्यावरण से जुड़े लोगों का कहना है कि खनन गतिविधियां शुरू होने के बाद इस संवेदनशील क्षेत्र की प्राकृतिक शांति और जैव विविधता पर गंभीर असर पड़ सकता है।

ग्रामीणों के अनुसार, हर वर्ष गर्मियों के दौरान पानी और शिकार की तलाश में बाघ राजा बंगला ग्रासलैंड तक पहुंचता रहा है। कई बार यहां बाघ के पदचिह्न और उसकी मौजूदगी दर्ज की गई है। उनका कहना है कि डिपॉजिट-4 में खनन शुरू होने के बाद भारी मशीनों की आवाजाही, चट्टानों की ब्लास्टिंग, ट्रकों का संचालन और बढ़ती मानवीय गतिविधियों से बाघ जैसे संवेदनशील वन्यजीव इस क्षेत्र से दूरी बना सकते हैं।

राजा बंगला ग्रासलैंड केवल घास का मैदान नहीं, बल्कि पूरे बैलाडीला वन क्षेत्र की जैव विविधता का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यहां जंगली सूअर, भालू, हिरण और कई अन्य वन्यजीव पाए जाते हैं, जो बाघ के लिए प्राकृतिक शिकार उपलब्ध कराते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि लगातार खनन गतिविधियां चलती रहीं तो सबसे पहले बड़े वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास प्रभावित होगा। इससे उनका दूसरे क्षेत्रों की ओर पलायन बढ़ सकता है और मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं में भी इजाफा होने की आशंका रहेगी।

पर्यावरण से जुड़े लोगों का कहना है कि डिपॉजिट-4 परियोजना शुरू करने से पहले वन्यजीवों पर पड़ने वाले प्रभाव का विस्तृत अध्ययन किया जाना चाहिए था। उनका सुझाव है कि यदि खनन आवश्यक है तो वन्यजीवों के सुरक्षित आवागमन के लिए पर्याप्त बफर जोन, हरित क्षेत्र और प्रभावी संरक्षण योजना लागू की जानी चाहिए।

वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, बाघ अपने रहने का क्षेत्र पानी, घने जंगल और पर्याप्त शिकार की उपलब्धता के आधार पर चुनता है। यदि खनन के कारण जंगल का स्वरूप और प्राकृतिक वातावरण बदलता है तो भविष्य में बाघ का इस क्षेत्र में लौटना कठिन हो सकता है। उनका कहना है कि बैलाडीला जैसे संवेदनशील वन क्षेत्रों में विकास कार्यों के साथ वन्यजीव संरक्षण की मजबूत व्यवस्था भी उतनी ही जरूरी है, ताकि विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बना रहे।

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