संसद में सियासी तूफान: मोदी विरोधी नारों पर बवाल, नड्डा ने सोनिया-राहुल से मांगी सार्वजनिक माफी

Madhya Bharat Desk
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नई दिल्ली।दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में आयोजित कांग्रेस की हालिया रैली अब संसद की कार्यवाही तक पहुंच गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ लगाए गए विवादित नारों को लेकर सोमवार को लोकसभा और राज्यसभा—दोनों सदनों में जोरदार हंगामा देखने को मिला। भारतीय जनता पार्टी ने इसे राजनीतिक असहमति की सीमाएं लांघने वाला कृत्य बताया है।

राज्यसभा में बीजेपी अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने इस मुद्दे को उठाते हुए कांग्रेस नेतृत्व पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि रैली में लगे नारे कांग्रेस की मानसिकता को उजागर करते हैं और इसके लिए पार्टी नेतृत्व को देश से माफी मांगनी चाहिए।

नड्डा का तीखा हमला

जेपी नड्डा ने सदन में कहा कि कांग्रेस की रैली में प्रधानमंत्री के खिलाफ जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया गया, वह न केवल निंदनीय है बल्कि लोकतांत्रिक मर्यादाओं के भी खिलाफ है। उन्होंने सीधे तौर पर सोनिया गांधी और राहुल गांधी से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की।

लोकसभा में भी उठा मामला

लोकसभा में केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने भी इस मुद्दे पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक दलों के बीच मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन व्यक्तिगत अपमान और हिंसक संकेत स्वीकार्य नहीं हो सकते। रिजिजू ने याद दिलाया कि अतीत में जब बीजेपी के एक सांसद ने आपत्तिजनक टिप्पणी की थी, तब खुद प्रधानमंत्री मोदी ने उनसे तुरंत माफी मंगवाई थी।

“यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण”

किरेन रिजिजू ने आगे कहा कि कांग्रेस रैली में प्रधानमंत्री की मृत्यु से जुड़े नारे लगाए गए, जबकि वहां पार्टी के वरिष्ठ नेता भी मौजूद थे। उन्होंने इसे 140 करोड़ देशवासियों के नेता के प्रति अपमान बताते हुए बेहद दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया।

क्या है पूरा विवाद?

दरअसल, रविवार (14 दिसंबर) को दिल्ली के रामलीला मैदान में कांग्रेस की एक बड़ी रैली आयोजित की गई थी। रैली के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारे लगाए गए, जिनके वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गए। इसके बाद सियासी हलकों में तीखी प्रतिक्रिया शुरू हो गई और मामला संसद तक पहुंच गया।

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