15वें वित्त की राशि में बंदरबांट? बोरिंग घोटाले ने खोली सिस्टम की पोल

Madhya Bharat Desk
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जगदलपुर।बस्तर संभाग में 15वें वित्त मद की राशि में गड़बड़ी का बड़ा मामला सामने आया है। बीजापुर जिले की 170 ग्राम पंचायतों में वर्ष 2025-26 के दौरान शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के नाम पर करीब 300 बोरिंग कराई गई, लेकिन इसमें बड़े स्तर पर लापरवाही और कमीशनखोरी के आरोप लग रहे हैं।

जानकारी के मुताबिक, जहां शासन के नियमों के अनुसार 300 फीट तक बोरिंग होना था, वहां कई जगहों पर सिर्फ 70 से 80 फीट तक ही खुदाई कर हैंडपंप लगा दिए गए। इसका नतीजा यह हुआ कि आधे से ज्यादा हैंडपंप कुछ ही महीनों में खराब हो गए, जबकि कई जगहों पर गंदा पानी निकल रहा है।

सूत्रों के अनुसार, जनपद पंचायत के अधिकारियों और ठेकेदारों की मिलीभगत से यह पूरा खेल हुआ। निर्धारित मापदंड से कम खुदाई कर लाखों रुपए की राशि का बंदरबांट किए जाने का आरोप है। कई हैंडपंप 8 से 10 महीने के भीतर ही जवाब दे चुके हैं।

बीजापुर जिले के बीजापुर, भैरमगढ़, भोपालपट्नम और उसूर विकासखंडों की कई पंचायतों में यह गड़बड़ी सामने आई है। ग्रामीणों का कहना है कि जिन हैंडपंपों से पानी निकल रहा है, उनमें भी पानी की गुणवत्ता ठीक नहीं है।

इन पंचायतों में सामने आया मामला

उसूर विकासखंड के मारूदबाका, धरमारास, लंकापल्ली और तरेंम, बीजापुर विकासखंड के मिड़ते, पेदाकोड़ेपाल, पीडिया और मेटापाल, भोपालपट्नम विकासखंड के बेगापल्ली, गोटाईगुड़ा, चेरपल्ली और गुन्लापेंटा, तथा भैरमगढ़ विकासखंड के पातरपारा, अंबेली, माटवाड़ा और पिटेपाल समेत कई पंचायतों में बोरिंग कार्य को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

कई सरपंचों ने भुगतान की जानकारी नहीं होने की बात कही, जबकि कुछ ने बताया कि अधिकांश हैंडपंप या तो खराब हैं या उनमें बहुत कम पानी निकल रहा है। पंचायत सचिवों ने भी भुगतान को लेकर स्पष्ट जवाब नहीं दिया।

1.40 लाख प्रति बोर, फिर भी आधा काम

शासन द्वारा प्रत्येक बोरिंग के लिए करीब 1 लाख 40 हजार रुपए स्वीकृत किए जाते हैं। आरोप है कि ठेकेदारों ने आधी से भी कम गहराई तक खुदाई कर आधे से अधिक राशि का बंदरबांट कर लिया।

बताया जा रहा है कि सुकमा जिले में भी इसी तरह की शिकायतें सामने आई थीं और अब बीजापुर में भी उसी पैटर्न पर काम किए जाने की आशंका जताई जा रही है।

शिकायत मिलने पर होगी जांच

मामले को लेकर जिला पंचायत की सीईओ नम्रता चौबे ने कहा कि मौखिक शिकायत के आधार पर जांच संभव नहीं है। लिखित शिकायत मिलने पर मामले की जांच कराई जाएगी।

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