नई दिल्ली/रायपुर।रायपुर से सांसद और वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने शुक्रवार को लोकसभा में भारत की पड़ोस नीति और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े अहम मुद्दों को उठाया। उन्होंने मालदीव और बांग्लादेश में हाल के राजनीतिक बदलावों तथा हिंद महासागर क्षेत्र में चीन की बढ़ती गतिविधियों को लेकर केंद्र सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।
संसद में पूछे गए अपने प्रश्न के जरिए सांसद अग्रवाल ने कहा कि दक्षिण एशिया के देशों में बदलते राजनीतिक समीकरण भारत के सामरिक हितों को प्रभावित कर सकते हैं। उन्होंने सरकार से यह जानना चाहा कि मालदीव और बांग्लादेश में हालिया सत्ता परिवर्तनों और वहां की जनभावनाओं को देखते हुए भारत ने अपने रणनीतिक प्रभाव का किस तरह आकलन किया है।
उन्होंने यह भी पूछा कि हिंद महासागर क्षेत्र में चीन द्वारा बढ़ाई जा रही समुद्री गतिविधियों और दोहरे उपयोग वाले बंदरगाहों तथा आधारभूत संरचनाओं के विस्तार को लेकर भारत की कूटनीतिक और रणनीतिक तैयारी क्या है।
इस पर जवाब देते हुए विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कहा कि भारत सरकार पड़ोसी देशों में हो रहे हर भू-राजनीतिक घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है। उन्होंने बताया कि बदलते वैश्विक परिदृश्य के बीच भारत अपनी रणनीतिक स्थिति को मजबूत करने के लिए आवश्यक कदम उठा रहा है।
सरकार की ओर से बताया गया कि मालदीव भारत की ‘पड़ोसी प्रथम’ (Neighbourhood First) नीति और ‘विजन महासागर’ के तहत एक अहम साझेदार बना हुआ है। जुलाई 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मालदीव के राष्ट्रीय दिवस समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए थे, जो दोनों देशों के बीच मजबूत रिश्तों का संकेत है।
वहीं बांग्लादेश के साथ भारत के संबंधों को भी जन-केंद्रित विकास और आपसी हितों पर आधारित बताया गया। सरकार ने कहा कि भारत वहां की नई सरकार के साथ सकारात्मक और भविष्य उन्मुख सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।

सदन में दी गई जानकारी के अनुसार, केंद्रीय बजट 2026-27 में ‘पड़ोसी देशों को सहायता’ मद के तहत 4548.56 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा नेपाल और श्रीलंका जैसे देशों में भारत द्वारा वित्तपोषित विकास परियोजनाओं को तय समय सीमा में पूरा करने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है।
सरकार ने यह भी बताया कि आर्थिक संकट के दौरान भारत ने श्रीलंका की मदद के लिए 7.5 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक की रियायती ऋण और स्वैप व्यवस्था उपलब्ध कराई है, साथ ही लगभग 850 मिलियन डॉलर का अनुदान भी दिया गया है।
इसके अलावा भारत बिम्सटेक (BIMSTEC) क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत करने की दिशा में भी सक्रिय है। इसके तहत संस्थागत क्षमता निर्माण, सुरक्षा सहयोग, व्यापार, परिवहन और डिजिटल कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि भारत के लिए पड़ोसी देशों के साथ मजबूत और संतुलित रिश्ते बेहद महत्वपूर्ण हैं। उनके मुताबिक इससे न केवल क्षेत्रीय शांति और स्थिरता को मजबूती मिलती है, बल्कि हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की रणनीतिक स्थिति भी सुदृढ़ होती है।







