पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में मॉब लिंचिंग की एक दर्दनाक घटना सामने आई है। केरल के रहने वाले एक युवक की भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी। बताया जा रहा है कि युवक को केवल मलयालम भाषा आती थी और भाषा संबंधी परेशानी के कारण वह अपनी पहचान नहीं बता सका, जिसके बाद ग्रामीणों ने उस पर शक करते हुए हमला कर दिया।
जानकारी के अनुसार, केरल निवासी संदीप बाजार जाने के दौरान रास्ता भटककर संकीजहान गांव पहुंच गया था। हिंदी और बंगाली भाषा नहीं आने के कारण वह ग्रामीणों के सवालों का जवाब नहीं दे पाया। इससे संदेह बढ़ गया और कुछ लोगों ने उसे रस्सी से बांधकर मारपीट शुरू कर दी। गंभीर रूप से घायल युवक को पुलिस ने जयनगर-कुलतली ग्रामीण अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने हत्या के एंगल से जांच शुरू की। कुछ ग्रामीणों ने गर्भवती महिला के साथ कथित गलत व्यवहार की अफवाह का दावा किया है, लेकिन पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं की है।
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103 के तहत हत्या का मामला दर्ज किया है। अब तक 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें 2 नाबालिग भी शामिल हैं। नाबालिगों को बाल सुधार गृह भेज दिया गया है, जबकि अन्य आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी है।
इस घटना पर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आई है। कांग्रेस नेता और सांसद K. C. Venugopal ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि किसी भी परिस्थिति में भीड़ को कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जा सकती। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री और राज्य सरकार से हस्तक्षेप कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है।
यह घटना एक बार फिर मॉब लिंचिंग और अफवाहों के आधार पर हिंसा की बढ़ती घटनाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।





