शराब घोटाले के पैसे हर महीने कार्टून में पहुंचते थे कांग्रेस दफ्तर, तीन साल में 960 करोड़ का खुलासा

Madhya Bharat Desk
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23 लोगों के खिलाफ जांच पूरी, 21 गिरफ्तार और 2 की मौत
छत्तीसगढ़ के 3200 करोड़ रुपए के शराब घोटाले की जांच में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ा खुलासा किया है। ईडी ने बताया कि घोटाले का पैसा हर महीने कार्टून में भरकर कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन पहुंचाया जाता था। अनवर ढेबर का मैनेजर दीपेन चावड़ा कार से 10 कार्टून ले जाता था। हर कार्टून में 1 करोड़ रुपए भरे होते थे। यानी एक बार में 10 करोड़ और महीने में 40 करोड़ तक पहुंचाए जाते थे।

यह रकम कार्यालय के कर्मचारी देवेंद्र डड़सेना के पास रखी जाती थी और कांग्रेस कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल के नाम से छोड़ी जाती थी। ईडी की जांच में सामने आया है कि पिछले तीन सालों में लगभग 960 करोड़ रुपए इस तरह पहुंचाए गए।

1000 करोड़ पहुंचे बघेल और बंसल तक
ईडी की जांच में सामने आया कि कारोबारी लक्ष्मी नारायण बंसल उर्फ पप्पू और चैतन्य बघेल के पास 1000 करोड़ रुपए पहुंचे। यही रकम अलग-अलग जगहों पर भेजी गई। तांत्रिक केके श्रीवास्तव को भी चैतन्य के जरिए 90 करोड़ रुपए कार्टून में दिए गए। वहीं, कुम्हारी स्थित बघेल बिल्डकॉन द्वारा 18 करोड़ की विठ्ठल ग्रीन सिटी डेवलप की जा रही है।

‘बिग बॉस’ नाम का ग्रुप
ईडी का कहना है कि शराब सिंडिकेट ने ‘बी-बॉस’ नाम से एक वॉट्सएप ग्रुप बनाया था, जिसमें चैतन्य बघेल, पुष्पक, सौम्या और दीपेन चावड़ा शामिल थे। इस ग्रुप में शराब घोटाले और पैसों के लेन-देन की चर्चा होती थी। सीएम की डिप्टी सेक्रेटरी रह चुकीं सौम्या चौरसिया भी इसमें सक्रिय थीं।

सुनियोजित खेल
ईडी ने दावा किया कि यह पूरा घोटाला योजनाबद्ध तरीके से हुआ, जिसमें सरकार, अधिकारी, संगठन और कारोबारी सब शामिल थे। अब तक 23 लोगों के खिलाफ जांच पूरी हुई है, जिनमें 21 गिरफ्तार और 2 की मौत हो चुकी है।

पार्ट-बी से सबसे ज्यादा कमाई
ईडी के अनुसार, घोटाले में सबसे अधिक 2174 करोड़ की कमाई पार्ट-बी से हुई। पार्ट-ए से 319 करोड़ और पार्ट-सी से 70 करोड़ रुपए की अवैध कमाई हुई। इस दौरान करीब 60 करोड़ 50 लाख से ज्यादा पेटी अवैध शराब बेची गई।

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