छत्तीसगढ़ में अवैध खेती का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। अफीम की खेती के लगातार खुलासों के बाद अब गांजे की अवैध खेती ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।
पहले दुर्ग, बलरामपुर और रायगढ़ जिलों में तरबूज और ककड़ी की फसल के बीच छिपाकर करीब एक एकड़ में अफीम उगाने का मामला सामने आया था। अब इसी तरह का एक और चौंकाने वाला मामला केशकाल विकासखंड से सामने आया है, जहां खेतों में मक्के की फसल के बीच गांजे की खेती की जा रही थी।
सूचना मिलने पर पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर दबिश दी। कार्रवाई के दौरान खेत में छिपाकर उगाई जा रही गांजे की फसल को जब्त कर लिया गया। इस मामले में दो किसानों को गिरफ्तार भी किया गया है।
अधिकारियों के मुताबिक, अवैध खेती को रोकने के लिए इलाके में लगातार निगरानी बढ़ा दी गई है। साथ ही पूरे क्षेत्र में जांच अभियान तेज कर दिया गया है ताकि ऐसे और मामलों का पता लगाया जा सके।
प्रशासन का साफ कहना है कि इस तरह के गैरकानूनी कामों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।



