रायपुर। बीमारी ठीक करने का झांसा देकर महिला से जबरन धर्म परिवर्तन कराने का मामला सामने आया है। आरोप है कि महिला से सिंदूर हटाने और चूड़ी उतारने का दबाव बनाया गया। विरोध करने पर महिला ने हंगामा कर दिया। इस दौरान बजरंग दल के कार्यकर्ता भी मौके पर मौजूद रहे और हंगामे की सूचना पर पुलिस पहुंची।
जानकारी के अनुसार, पुरैना निवासी बालका राजपूत ने आरोप लगाया है कि उसकी बहू रितु को ईसाई धर्म अपनाने के लिए कई महीनों से दबाव डाला जा रहा था। तीन महीने पहले रितु की तबीयत बिगड़ने पर वह इलाज के लिए मायाराम नामक व्यक्ति के पास गई थी। मायाराम ने निःशुल्क इलाज का भरोसा दिलाकर धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया।
बालका राजपूत का कहना है कि मायाराम और उसके साथी रितु के जरिए परिवार पर भी धर्म बदलने का दबाव बना रहे थे। महिला का आरोप है कि मतांतरण कराने वालों ने रितु की चूड़ियां उतरवा दीं और उससे कहा कि अब वह सिंदूर भी न लगाए। इसका विरोध करने पर विवाद बढ़ गया और महिला ने शोर मचाना शुरू कर दिया।
हिंदू संगठनों का कहना है कि पिछले दो महीने से महिला और उसके परिवार को इस तरह के झांसे दिए जा रहे थे। उन्हें समझाया गया कि धर्म बदलने पर स्वास्थ्य लाभ मिलेगा और बीमारियां दूर हो जाएंगी। शनिवार को भी मतांतरण को लेकर विवाद हुआ था, जिसमें छह आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इसके बाद रविवार को दोबारा इस तरह की घटना सामने आई।
फिलहाल पुलिस ने मामले में जांच शुरू कर दी है और हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता लगातार विरोध कर रहे हैं।



