रायपुर: छत्तीसगढ़ में मानसून की सक्रियता अभी भी बनी हुई है। रविवार को राजधानी रायपुर सहित कई जिलों में अचानक तेज बारिश हुई। देखते ही देखते रायपुर की सड़कों पर पानी भर गया और अंडरब्रिज में जलभराव की स्थिति बन गई।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने अगले 12 घंटों के लिए रायपुर, राजनांदगांव, महासमुंद, गरियाबंद, धमतरी, कांकेर, नारायणपुर और बीजापुर जिलों में यलो अलर्ट जारी किया है। विभाग ने इन क्षेत्रों में बिजली गिरने, गरज-चमक और आंधी की संभावना जताई है।
रविवार को रायपुर का अधिकतम तापमान 31.6 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से कम रहा। वहीं, सबसे अधिक बारिश सुकमा में 49.3 मिमी दर्ज की गई। कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश रिकार्ड की गई है।
20 अक्टूबर के बाद लौटेगा मानसून
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस साल प्रदेश से मानसून की वापसी में देरी होगी। सामान्यतः 12 अक्टूबर तक सरगुजा से मानसून लौटना शुरू हो जाता है, लेकिन इस बार यह प्रक्रिया 20 अक्टूबर के बाद ही शुरू होगी।
1 से 5 अक्टूबर के बीच छत्तीसगढ़ में औसतन 45.6 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य से 155% अधिक है। रायपुर में 85.8 मिमी, महासमुंद में 69.8 मिमी (413%) और बलौदाबाजार में 60.8 मिमी (420%) बारिश दर्ज की गई। गरियाबंद 94.7 मिमी (340%) के साथ सबसे आगे रहा।
कई जगह हादसे, रेस्क्यू अभियान चला
धमतरी: जोरातराई गांव में 65 वर्षीय पुजारी महानदी पार करते समय फंस गए। जलस्तर अचानक बढ़ने से वे टापू पर अटक गए। करीब आठ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद रेस्क्यू दल ने सुरक्षित बाहर निकाला।
गरियाबंद: देवझर गांव में प्रसव पीड़ा से जूझ रही महिला को ग्रामीणों ने खाट पर बांधकर नदी पार कराया। अमाड़ नदी के उफान के कारण एम्बुलेंस नहीं पहुंच पाई। ग्रामीणों ने जोखिम उठाकर महिला को सुरक्षित देवभोग स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया।
सूरजपुर: चांदनी बिहारपुर क्षेत्र के सौहार गांव के पास महान नदी में नाव डूब गई। नाव में सात लोग सवार थे, जिनमें बच्चे और महिलाएं शामिल थीं। स्थानीय ग्रामीणों ने नदी में कूदकर सभी की जान बचाई।







