तुडगे गांव में 17 लोगों ने अपनाया मूल धर्म, पारंपरिक पूजा-विधि के साथ हुआ सम्मान

Madhya Bharat Desk
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जगदलपुर/दुर्गूकोंदल। विकासखंड दुर्गूकोंदल के ग्राम तुडगे में रविवार को तीन परिवारों के कुल 17 लोगों ने ईसाई धर्म छोड़कर अपने मूल धर्म में वापसी की। इस मौके पर गांव के गायता, पटेल, समाज प्रमुख, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार देवी-देवताओं की पूजा-पाठ की गई और सभी का स्वागत कर सम्मान किया गया। धार्मिक और सामाजिक परंपराओं के अनुसार हुए इस कार्यक्रम में समाज के लोगों ने सभी को फिर से मूल धर्म में शामिल करते हुए सामाजिक एकता और परंपराओं को निभाने का संदेश दिया।

कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य एवं सभापति देवेन्द्र टेकाम ने मूल धर्म में लौटे सभी परिवारों का स्वागत करते हुए कहा कि अपनी संस्कृति, परंपरा और सामाजिक मूल्यों से जुड़े रहना समाज को मजबूत बनाता है। उन्होंने कहा कि समाज के नियमों और रीति-रिवाजों का पालन करते हुए सभी लोगों को आपसी प्रेम, भाईचारे और सौहार्द के साथ रहना चाहिए। साथ ही ग्रामीणों से सामाजिक एकता बनाए रखने और अपनी सांस्कृतिक पहचान को सुरक्षित रखने की अपील भी की।

इस दौरान समाज के वरिष्ठ लोगों ने पारंपरिक विधि-विधान से पूजा-पाठ कराया। मूल धर्म में लौटे परिवारों का तिलक लगाकर, फूलों की माला पहनाकर और शुभकामनाएं देकर स्वागत किया गया। कार्यक्रम में समाज की परंपराओं, संस्कृति और सामाजिक मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने पर भी जोर दिया गया।

कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य एवं सभापति देवेन्द्र टेकाम, गोंडवाना समाज सर्कल अध्यक्ष हरून दर्रो, ग्राम पटेल सामाराम नेताम, बांसला परगना मांझी लक्खूराम दर्रो, जग्गूराम कल्लो, विक्रमगंज गायता बैसूराम दर्रो, मंशाराम नेताम, जुनवानी ग्राम गायता, राजेन्द्र कोमरा, पांडरपुरी गायता कृष्ण केडाम, उतामार गायता देवप्रसाद नरेटी, चंदन सिंह नेताम, सोमजी दर्रो, मेहरसिंह कोमरा, राजेश दुग्गा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। कार्यक्रम शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। अंत में सभी ने सामाजिक सद्भाव बनाए रखने और अपनी पारंपरिक संस्कृति के संरक्षण का संकल्प लिया।

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