सरगुजा/रायपुर।लखनपुर थाना क्षेत्र के लहपटरा टोल नाके पर मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के काफिले को लेकर विवाद सामने आया है। बताया जा रहा है कि टोल नाके पर काफिले की एक गाड़ी पर बूम बैरियर गिर गया। इसके बाद वहां विवाद हो गया। इसी दौरान टोल कर्मचारी के साथ मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
जानकारी के मुताबिक, बूम बैरियर गिरने के बाद टोल नाके पर मौजूद लोगों और काफिले से जुड़े लोगों के बीच कहासुनी हुई। इसी दौरान एक व्यक्ति ने टोल कर्मचारी के साथ मारपीट की। घटना का वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा में आ गया है।
घटना के बाद टोल कर्मचारी कुछ ग्रामीणों के साथ लखनपुर थाने पहुंचा और शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। वायरल वीडियो और शिकायत के आधार पर पुलिस घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जानकारी जुटा रही है। मारपीट की असली वजह क्या थी, यह जांच पूरी होने के बाद ही साफ हो पाएगा।
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने जताया दुख
मामले को लेकर महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने घटना पर दुख जताते हुए कहा कि टोल कर्मचारी की ओर से तकनीकी या मानवीय गलती हुई भी हो, तो उसके बदले किसी के साथ दुर्व्यवहार करना सही नहीं है।
मंत्री ने बताया कि वह दिनभर सरकारी कार्यक्रमों और जनहित से जुड़े कामों में व्यस्त थीं। काफी थकान होने के कारण यात्रा के दौरान वह अपने वाहन में आराम कर रही थीं। वाहन के अंदर होने की वजह से उन्हें मौके पर हुई घटना की जानकारी तुरंत नहीं मिल पाई।
लक्ष्मी राजवाड़े के मुताबिक, अगले दिन सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से उन्हें घटना की जानकारी मिली। इसके बाद वह इस घटना से काफी आहत हुईं।
PA पर आरोप से मंत्री का इनकार
कुछ मीडिया रिपोर्टों में मंत्री के निजी सहायक यानी PA का नाम भी इस विवाद से जोड़ा गया था। मंत्री ने इसका खंडन करते हुए कहा कि उनके PA की ओर से टोल कर्मचारी के साथ किसी तरह की मारपीट या दुर्व्यवहार नहीं किया गया।
मंत्री ने कहा कि वायरल वीडियो में जो व्यक्ति दिखाई दे रहा है, वह उनका वाहन चालक है।
कर्मचारी से मिलने की बात कही
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि टोल बैरियर का गिरना तकनीकी या मानवीय गलती हो सकती है और वह ऐसी गलती को स्वाभाविक मानती हैं। उन्होंने कहा कि एक जनसेवक के तौर पर वह कर्मचारी की गलती को माफ करती हैं, लेकिन किसी भी गलती के बदले किसी नागरिक या कर्मचारी के साथ इस तरह का व्यवहार स्वीकार नहीं किया जा सकता।
उन्होंने टोल कर्मचारी को हुई मानसिक परेशानी पर भी खेद जताया और कहा कि अपने अगले प्रवास के दौरान वह उससे खुद मिलकर उसका हाल-चाल जानेंगी।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि विवाद की पूरी वजह क्या थी और मारपीट की घटना किन परिस्थितियों में हुई।





