छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के तखतपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बैलपान गांव में बुधवार को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। यहां 52 वर्षीय ग्रामीण देवलाल मरकाम ने मानसिक आघात के चलते पेड़ पर फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। यह आत्महत्या किसी मामूली कारण से नहीं बल्कि वैवाहिक विश्वासघात की पीड़ा से जुड़ी थी, जिसने पूरे गांव को स्तब्ध कर दिया।
घटना की पृष्ठभूमि:
देवलाल मरकाम गांव में मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। उसकी पत्नी अनीता मरकाम का गांव में ही किराना दुकान चलाने वाले ददू कौशिक से प्रेम संबंध था। यह बात पति को काफी समय से खल रही थी। मृतक ने कई बार पत्नी को समझाया और इस संबंध को समाप्त करने के लिए कहा, लेकिन बात नहीं बनी।
आखिरकार कुछ दिन पहले आरोपी ददू कौशिक मृतक की पत्नी को अपने साथ भगा ले गया। इस विश्वासघात और अपमान से आहत होकर देवलाल ने अपनी जान देने का फैसला कर लिया।
सुसाइड नोट का खुलासा:
देवलाल की जेब से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ, जिसमें उसने साफ-साफ लिखा कि उसकी पत्नी ने भाजपा नेता के बेटे ददू कौशिक के साथ मिलकर उसे मानसिक रूप से तोड़ दिया। वह अपनी पत्नी को आरोपी के साथ आपत्तिजनक स्थिति में देख चुका था और कई बार समझाने की कोशिश भी की, लेकिन कोई असर नहीं हुआ। अंततः वह टूट गया और फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली।
पुलिस कार्रवाई पर सवाल:
गांव के लोगों का आरोप है कि जब महिला फरार हुई थी, तब इसकी सूचना पुलिस को दी गई थी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। यहां तक कि आत्महत्या के बाद भी पुलिस एफआईआर दर्ज करने में टालमटोल कर रही है। इस लापरवाही से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।
ग्रामीणों का प्रदर्शन और मांग:
घटना के बाद आक्रोशित परिजन और ग्रामीणों ने एसपी कार्यालय का घेराव किया। उन्होंने आरोपी ददू कौशिक और मृतक की पत्नी अनीता मरकाम के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द ही सख्त कदम नहीं उठाए गए तो वे उग्र आंदोलन करेंगे।







