– नागेंद्र पाण्डेय, संपादक
राजनीतिक गलियारों में कमीशन के खेल की चर्चा आम रही है, लेकिन नगरीय प्रशासन विभाग के एक अधिकारी पर लगाए गए चार प्रतिशत कमीशन का आरोप सबसे बड़ा और सबसे अहम माना जा रहा है। इस विवाद ने न केवल अधिकारी की साख पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि संभावित विभागीय फेरबदल की चर्चाओं को भी हवा दी है। अब सबकी निगाहें यह जानने पर टिकी हैं कि अफसर मंत्रालय में अपने नए प्रभार में किस तरह काम करेंगे? क्या पिछली छाया बनी रहेगी…. या सुधार की नई शुरुआत होगी
सूत्रों की मानें तो मंत्रालय में नए मुख्य सचिव की नियुक्ति के बाद विभागीय फेरबदल तय माना जा रहा है। चर्चाओं के मुताबिक, सिद्धार्थ कोमल परदेशी स्वास्थ्य विभाग, अमित कटारिया नगरीय प्रशासन और बसवराजु स्कूल शिक्षा विभाग के संभावित बदलावों में शामिल हैं। विश्वस्त सूत्रों के अनुसार विभागों में यह फेरबदल तय है, लेकिन किसे किस विभाग की जिम्मेदारी मिलती है। ये देखना होगा।कई जिलों के कलेक्टर और राजधानी रायपुर के कलेक्टर भी बदले जा सकते है।
असल चुनौती यह है कि प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था पहले ही ढेरों समस्याओं और चुनौतियों से जूझ रही है।
सूत्रों की मानें तो मंत्रालय में सुगबुगाहट तेज है और सभी की निगाहें इस पर टिकी हैं कि आखिरकार किसे किसकी जिम्मेदारी मिलती है। बहरहाल थोड़ा इंतजार करना होगा।







