तेजस्वी यादव का बड़ा आरोप: चुनाव के बीच महिलाओं को पैसे बांटे जा रहे हैं, आयोग बना है मौन

Madhya Bharat Desk
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पटना: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 जैसे-जैसे नज़दीक आ रहे हैं, राजनीतिक बयानबाज़ी भी तेज हो गई है। इसी बीच नेता प्रतिपक्ष और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के प्रमुख नेता तेजस्वी यादव ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि आयोग एनडीए सरकार को फायदा पहुंचाने का काम कर रहा है।

तेजस्वी यादव ने दावा किया कि चुनाव के बीच बिहार की महिलाओं के खातों में दस-दस हजार रुपए भेजे जा रहे हैं, जो आचार संहिता का खुला उल्लंघन है। उन्होंने सवाल किया कि ऐसे हालात में आयोग मौन क्यों है?

“खुलेआम दी जा रही है रिश्वत”: तेजस्वी यादव

तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि सरकार चुनावी फायदे के लिए महिलाओं को रुपए देकर वोट प्रभावित करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा, “सरकार खुलेआम महिलाओं को रिश्वत के रूप में पैसा दे रही है, जिसे चुनाव खत्म होने के बाद वापस लेने की योजना है। यह लोकतंत्र और निष्पक्ष चुनाव की भावना के खिलाफ है।”

उन्होंने आगे कहा कि इस कदम से यह साफ है कि एनडीए चुनावी आचार संहिता की धज्जियां उड़ा रहा है, और चुनाव आयोग सिर्फ तमाशबीन बना हुआ है।

नीतीश कुमार ने दी सफाई – ‘यह विकास योजना है’

वहीं, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह पैसा रिश्वत नहीं बल्कि महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए शुरू की गई योजना का हिस्सा है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, जीविका समूह से जुड़ी ग्रामीण और शहरी महिलाओं को प्रति माह 10,000 रुपये की सहायता दी जा रही है, ताकि वे आर्थिक रूप से सशक्त बन सकें।

उन्होंने बताया कि इस योजना से 10 लाख से अधिक नई महिलाएं जुड़ी हैं, और जिनका स्वरोजगार सफल होगा, उन्हें दो लाख रुपये तक की अतिरिक्त सहायता दी जाएगी। नीतीश कुमार ने कहा कि यह पहल महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम है।

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