शिक्षा संस्थान बच्चों के लिए सुरक्षित और विकासमूलक वातावरण प्रदान करने के लिए बनाए जाते हैं, लेकिन जब इन्हीं संस्थानों में बच्चों के साथ हिंसा या प्रताड़ना जैसी घटनाएं सामने आती हैं, तो यह समाज के लिए गहरी चिंता का विषय बन जाता है। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के सुंदर नगर स्थित कृष्णा किड्स एकेडमी इंटरनेशनल स्कूल से ऐसा ही एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें एक शिक्षिका पर बच्ची को जलाने का गंभीर आरोप लगा है।
बच्ची का बयान
पीड़ित बच्ची के परिवार ने आरोप लगाया कि 17-18 सितंबर को स्कूल की शिक्षिका दीपा ने बच्ची का चेहरा अगरबत्ती से जला दिया। डर के कारण बच्ची ने पहले कुछ नहीं बताया, लेकिन घर लौटने पर उसने साहस दिखाकर पूरी घटना अपने माता-पिता को सुनाई। इसके अलावा, एक अन्य बच्ची ने भी बयान दिया कि दीपा मैडम ने उसे पीटा था। इन बयानों ने मामले की गंभीरता और बढ़ा दी।
प्रशासन की कार्रवाई
जैसे ही घटना सामने आई, महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम ने कृष्णा किड्स एकेडमी इंटरनेशनल स्कूल पहुंचकर जांच शुरू की। डीपीओ शैल ठाकुर ने बताया कि बच्ची और उसके परिजनों का बयान चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (CWC) के सामने दर्ज कराया जाएगा। साथ ही स्कूल के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं ताकि वास्तविकता सामने आ सके।
स्कूल प्रबंधन का पक्ष
स्कूल प्रबंधन ने इस पूरे मामले में कहा कि मारपीट या जलाने जैसी कोई घटना स्कूल परिसर में नहीं हुई है। हालांकि, मामले की गंभीरता को देखते हुए शिक्षिका दीपा को तत्काल नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है।
वर्तमान स्थिति
फिलहाल, महिला एवं बाल विकास विभाग और चाइल्ड वेलफेयर कमेटी मामले की जांच कर रही है। उनकी रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निजी स्कूलों में निगरानी और अनुशासनात्मक व्यवस्था कितनी सख्त होनी चाहिए।



