रायपुर।सरगुजा जिले के लहपटरा टोल प्लाजा पर हुई घटना को लेकर महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि टोल कर्मचारी से किसी भी तरह का दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मंत्री ने घटना पर दुख जताते हुए कहा कि वे जल्द ही संबंधित कर्मचारी से मुलाकात कर उसका हालचाल जानेंगी।
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने बताया कि घटना के समय वह अपने वाहन में आराम कर रही थीं। दिनभर सरकारी कार्यक्रमों और जनहित से जुड़े कामों में व्यस्त रहने के कारण वह काफी थकी हुई थीं। वाहन के अंदर होने की वजह से उन्हें मौके पर हुई घटना की तत्काल जानकारी नहीं मिल पाई। अगले दिन सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से घटना की जानकारी मिलने पर उन्हें काफी दुख हुआ।
टोल कर्मचारी की गलती मानवीय हो सकती है
मंत्री ने कहा कि टोल प्लाजा का बूम बैरियर गिरना तकनीकी या मानवीय गलती हो सकती है। ऐसी गलती को लेकर कर्मचारी के साथ दुर्व्यवहार करना सही नहीं है।
उन्होंने कहा कि एक जनप्रतिनिधि के तौर पर वह कर्मचारी की इस गलती को सामान्य मानते हुए उसे माफ करती हैं। लेकिन किसी छोटी या तकनीकी गलती के बदले किसी नागरिक या कर्मचारी के साथ अशोभनीय व्यवहार किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
PA पर लगे आरोपों को बताया गलत
घटना के बाद कुछ खबरों में मंत्री के निजी सहायक (PA) का नाम भी सामने आया था। इस पर मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने सफाई देते हुए कहा कि उनके PA ने किसी तरह का दुर्व्यवहार या मारपीट नहीं की है।
उन्होंने कहा कि PA का नाम इस मामले में गलत और भ्रामक तरीके से जोड़ा जा रहा है। वीडियो में दिखाई देने वाला व्यक्ति उनका वाहन चालक है, न कि PA।
पीड़ित टोल कर्मचारी से जल्द मिलेंगी मंत्री
मंत्री ने टोल कर्मचारी के साथ हुई घटना पर संवेदना जताते हुए कहा कि कर्मचारी को हुई मानसिक परेशानी के लिए उन्हें व्यक्तिगत रूप से दुख है। उन्होंने कहा कि अपने अगले प्रवास के दौरान वह स्वयं कर्मचारी से मिलकर उसका हालचाल जानेंगी।
मंत्री ने कहा कि जनता का सम्मान और सुरक्षा हमेशा प्राथमिकता रहेगी। उन्होंने साफ किया कि अनुशासनहीनता को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।






