नाबालिग से कथित सामूहिक दुष्कर्म मामले की जांच में लापरवाही बरतने के आरोपों के बीच सिलयारी चौकी प्रभारी उप निरीक्षक जितेंद्र दुबे को निलंबित कर दिया गया है। रायपुर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा ने यह कार्रवाई करते हुए उन्हें पुलिस अधीक्षक कार्यालय रायपुर (ग्रामीण) संबद्ध कर दिया है। साथ ही पूरे मामले की प्रारंभिक जांच कर एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
मामले को लेकर क्षेत्र में लगातार नाराजगी बढ़ रही थी। पीड़िता को न्याय नहीं मिलने के आरोपों के बीच रायपुर जिला पंचायत सभापति सरोज चंद्रवंशी ने भी कड़ी नाराजगी जताई थी और चेतावनी दी थी कि यदि पीड़िता को न्याय नहीं मिला तो वह अपने पद से इस्तीफा देने तक का कदम उठा सकती हैं।

सूत्रों के अनुसार, क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, पत्रकारों और आम नागरिकों द्वारा चौकी प्रभारी की कार्यशैली को लेकर कई शिकायतें की गई थीं। पत्रकारों के साथ दुर्व्यवहार तथा आम लोगों की समस्याओं के प्रति उदासीन रवैये के आरोप भी सामने आए थे। लगातार मिल रही शिकायतों और मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस विभाग ने यह कार्रवाई की।
जारी आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि थाना धरसीवां अंतर्गत चौकी सिलयारी में दर्ज अपराध की जांच एवं विवेचना में घोर लापरवाही पाए जाने पर उप निरीक्षक जितेंद्र दुबे को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा।






