कमलनाथ ने मध्य प्रदेश में कथित भ्रष्टाचार और प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाया है।
उन्होंने कहा है कि प्रदेश में भ्रष्टाचार और घूसखोरी की स्थिति चिंताजनक स्तर पर पहुंच गई है। कमलनाथ के अनुसार, जिन संस्थाओं की जिम्मेदारी भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने की है, उन पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि मध्यप्रदेश लोकायुक्त विभाग में कुछ स्तरों पर रिश्वत लेकर मामलों को प्रभावित करने और आरोपियों को राहत देने जैसे मामले सामने आ रहे हैं। उनके मुताबिक, ऐसे हालात में पूरी व्यवस्था की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
कमलनाथ ने यह भी कहा कि लोकायुक्त स्तर पर केसों को दबाने, वॉयस सैंपल और खात्मा रिपोर्ट से जुड़े मामलों में “डील” जैसे आरोप सामने आना बेहद गंभीर है। साथ ही डीएसपी स्तर तक पर भी इस तरह की शिकायतों का जिक्र किया गया है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की जनता पहले ही महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक दबाव से परेशान है, और ऐसे में इस तरह के आरोप जनता का भरोसा और कमजोर करते हैं। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की जाए।




