बस्तर जिले की जगदलपुर केंद्रीय जेल एक बार फिर विवादों में है। महज पांच दिनों के भीतर जेल में दूसरी मौत होने से सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पहले एक महिला बंदी ने कथित तौर पर फांसी लगाकर आत्महत्या की थी, वहीं अब नक्सल मामले में बंद कैदी रमेश कुंजम की इलाज के दौरान मौत हो गई।
मिली जानकारी के अनुसार बीजापुर जिले के लिंगापुर निवासी रमेश कुंजम नक्सल मामलों में जेल में बंद था और नवंबर 2025 में उसे दंतेवाड़ा जेल से जगदलपुर केंद्रीय जेल लाया गया था। बताया जा रहा है कि 4 जून को वह जेल के बाथरूम में गिर गया, जिससे उसके सिर में गंभीर चोट आई। हालत बिगड़ने पर उसे डिमरापाल मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि कैदी गंभीर रूप से घायल हुआ तो जेल प्रशासन की निगरानी व्यवस्था कहां थी? क्या समय पर इलाज और पर्याप्त चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई? इससे पहले महिला बंदी की आत्महत्या ने भी सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े किए थे।
लगातार दो मौतों के बाद विपक्ष और सामाजिक संगठनों द्वारा जेल प्रशासन की जवाबदेही तय करने की मांग उठ सकती है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि सरकार और प्रशासन इन घटनाओं की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करते हैं या नहीं।





