दुर्ग। दुर्ग जिले में रिश्वतखोरी के आरोपों के बाद पुलिस विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। एक कथित ऑडियो वायरल होने के बाद पुरानी भिलाई थाना में पदस्थ एसआई तुलसीराम साहू और खुर्सीपार थाना में पदस्थ एसआई देव लाल साहू को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर रक्षित केंद्र दुर्ग अटैच कर दिया गया है।
बताया जा रहा है कि सोशल मीडिया पर एक ऑडियो सामने आया, जिसमें एनडीपीएस एक्ट के एक मामले में आरोपी पक्ष से पैसों की मांग किए जाने की बातचीत सुनाई दे रही है। मामले की प्रारंभिक जांच में दोनों पुलिस अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर एसएसपी विजय अग्रवाल ने निलंबन की कार्रवाई की।
जानकारी के मुताबिक, एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार एक महिला की बेटी जसबीर ने आरोप लगाया है कि उसकी मां को राहत देने के बदले एसआई तुलसीराम साहू ने 50 हजार रुपये की मांग की थी। जसबीर का कहना है कि 5 हजार रुपये पहले ही दिए जा चुके थे, जबकि बाकी 45 हजार रुपये देने को लेकर बातचीत हुई थी।
वायरल ऑडियो में कथित तौर पर पुलिस अधिकारी और महिला के बीच पैसों के लेन-देन को लेकर चर्चा सुनाई देती है। वहीं एक अन्य ऑडियो में महिला यह आरोप लगाती हुई सुनाई दे रही है कि उस पर अधिक मात्रा में नशीला पदार्थ दिखाकर झूठा मामला दर्ज करने की धमकी दी गई और पैसे मांगे गए।
महिला ने यह भी दावा किया है कि साइबर क्राइम से जुड़े कुछ लोगों ने उससे 2 लाख रुपये की मांग की थी। उसके अनुसार, इस पूरे घटनाक्रम से जुड़ी बातचीत की रिकॉर्डिंग उसके पास सुरक्षित है। महिला का आरोप है कि बातचीत के दौरान कुछ रकम वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाने की बात भी कही गई थी।
जसबीर ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। साथ ही संबंधित स्थानों के सीसीटीवी फुटेज खंगालने और पूरे प्रकरण की जांच करने की अपील की है। उसका कहना है कि जिस मोबाइल फोन के आधार पर पूछताछ के लिए बुलाया गया था, उससे जुड़े दस्तावेज और अन्य सबूत भी उसके पास मौजूद हैं।
इधर दुर्ग पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए छावनी नगर पुलिस अधीक्षक को तीन दिनों के भीतर प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।





