CG BREAKING: अमित जोगी को उम्रकैद, जग्गी मर्डर केस में हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

Madhya Bharat Desk
3 Min Read

बिलासपुर:करीब दो दशक से ज्यादा समय तक सुर्खियों में रहा राम अवतार जग्गी हत्याकांड आखिरकार एक निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने इस बहुचर्चित मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए पूर्व विधायक अमित जोगी को दोषी करार दिया है और उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई है।

यह फैसला इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि हाईकोर्ट ने 2007 में आए ट्रायल कोर्ट के उस निर्णय को पलट दिया है, जिसमें अमित जोगी को बरी कर दिया गया था। अब 21 साल बाद कोर्ट के इस फैसले ने एक बार फिर पूरे मामले को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति अरविंद कुमार वर्मा की खंडपीठ ने इस मामले में सीबीआई की अपील, शिकायतकर्ता की याचिका और सजा बढ़ाने की मांग पर एक साथ सुनवाई करते हुए यह ऐतिहासिक निर्णय दिया।

 राजनीतिक साजिश का एंगल

हाईकोर्ट ने अपने आदेश में साफ कहा कि यह कोई सामान्य आपराधिक घटना नहीं थी, बल्कि एक सुनियोजित राजनीतिक साजिश थी। कोर्ट के मुताबिक, इस साजिश में अमित जोगी की भूमिका मुख्य रही और उसी आधार पर उन्हें सजा सुनाई गई।

 2003 की वो रात जिसने सब बदल दिया

4 जून 2003 की रात रायपुर में एनसीपी नेता राम अवतार जग्गी की कार पर अंधाधुंध फायरिंग की गई थी। इस हमले में वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे और बाद में अस्पताल में उनकी मौत हो गई। इस घटना ने पूरे प्रदेश में सनसनी फैला दी थी।

 जांच में सामने आई नई कहानी

शुरुआती जांच में इसे लूटपाट का मामला माना गया था, लेकिन जब सीबीआई ने केस अपने हाथ में लिया, तो तस्वीर पूरी तरह बदल गई। जांच में यह सामने आया कि हत्या के पीछे राजनीतिक कारण थे और इसे योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया गया था।

 ट्रायल कोर्ट बनाम हाईकोर्ट

2007 में स्पेशल कोर्ट ने इस केस में कई आरोपियों को दोषी ठहराया था, लेकिन अमित जोगी को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया था।

हाईकोर्ट ने अब इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि ट्रायल कोर्ट ने अहम साक्ष्यों को नजरअंदाज किया था, जबकि वही सबूत अन्य आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त माने गए थे।

 21 साल बाद मिला न्याय

करीब 21 साल बाद आए इस फैसले को न्याय की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। यह मामला न सिर्फ कानूनी लड़ाई का प्रतीक रहा, बल्कि छत्तीसगढ़ की राजनीति में भी लंबे समय तक प्रभाव डालता रहा।

Share on WhatsApp

Share This Article
Leave a Comment