भोपाल में NEET पेपर लीक और परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। इसी मुद्दे पर मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने निकले NSUI कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने रोक लगाने के लिए कार्रवाई की।
जैसे ही प्रदर्शनकारी आगे बढ़ने लगे, पुलिस ने पहले उन्हें रोकने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। लेकिन भीड़ नहीं रुकी तो हालात को काबू में करने के लिए लाठीचार्ज किया गया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी फैल गई।
इस दौरान NSUI के प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तुरंत इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। घटना के बाद प्रदर्शन और ज्यादा तेज हो गया।
जानकारी के अनुसार, NSUI कार्यकर्ता NEET परीक्षा में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं के विरोध में मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च कर रहे थे। प्रशासन ने पहले से ही भारी पुलिस बल और बैरिकेडिंग की व्यवस्था की थी।
इसी दौरान पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को पुलिस ने हिरासत में ले लिया और उनके साथ करीब 200 कार्यकर्ताओं को भी गिरफ्तार किया गया।
इस प्रदर्शन को कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं का समर्थन मिल रहा था। दिग्विजय सिंह ने प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए NEET परीक्षा की गड़बड़ियों की जिम्मेदारी तय करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग की।
घटना के बाद भोपाल की राजनीति और ज्यादा गर्मा गई है और अब सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने दिखाई दे रहे हैं।





