कुम्हारी में दर्दनाक हादसा: शॉर्ट सर्किट के बाद सिलेंडर ब्लास्ट, एक ही परिवार के 4 लोगों की जिंदा जलकर मौत

Madhya Bharat Desk
3 Min Read

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के कुम्हारी इलाके में मंगलवार को दिल दहला देने वाला हादसा हो गया। बिजली के खंभे में हुए शॉर्ट सर्किट से एक मकान में आग लग गई। आग धीरे-धीरे पूरे घर में फैल गई और किचन तक पहुंचते ही गैस सिलेंडर में जोरदार ब्लास्ट हो गया। हादसे में एक ही परिवार के 4 लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई।

मृतकों में पिता अनिल वैष्णव, उनकी दो बेटियां लक्ष्मी और चांदनी, साथ ही डेढ़ साल की मासूम बच्ची शामिल है। घटना कुम्हारी थाना क्षेत्र की बताई जा रही है।

बताया जा रहा है कि धमाका इतना तेज था कि आग की लपटों ने पूरे मकान को अपनी चपेट में ले लिया। घर के अंदर मौजूद लोग बाहर निकल ही नहीं पाए।आसपास के लोगों ने आवाज सुनते ही मौके पर पहुंचकर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन तब तक आग काफी फैल चुकी थी। बाद में घर के अंदर से चार शव बरामद किए गए।

परिजनों के मुताबिक, हादसे वाले दिन ही नया गैस सिलेंडर भरवाकर लाया गया था। दोपहर के समय घर में अनिल वैष्णव और उनकी दोनों बेटियां मौजूद थीं। वहीं उनकी पत्नी, बेटा और एक बेटी घर के बाहर होने की वजह से बच गए। लेकिन बाहर मौजूद बेटी की डेढ़ साल की बच्ची घर के अंदर थी, जिसकी भी आग में झुलसकर मौत हो गई।

हादसे के दौरान अनिल का 17 वर्षीय बेटा गौतम दोस्तों के साथ आग बुझाने की कोशिश करता रहा, लेकिन आग तेजी से फैलती गई। इसी बीच सिलेंडर फट गया और हालात बेकाबू हो गए।प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बिजली के खंभे में स्पार्किंग और शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लगी थी। आग छत के रास्ते घर के अंदर पहुंची और फिर किचन तक फैल गई। सिलेंडर आग की चपेट में आने के बाद जोरदार धमाका हुआ।

बताया जा रहा है कि हादसे के वक्त परिवार के लोग सो रहे थे। अचानक लगी आग और धमाके के कारण उन्हें संभलने तक का मौका नहीं मिला। हादसे के बाद पूरा मकान जलकर खाक हो गया। पुलिस ने शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है।

मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपए सहायता राशि देने की घोषणा की है। वहीं जिला प्रशासन की ओर से 4-4 लाख रुपए मुआवजा देने की बात कही गई है।

इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की। उन्होंने आरोप लगाया कि खंभे में स्पार्किंग की शिकायत पहले से की जा रही थी, लेकिन बिजली विभाग ने ध्यान नहीं दिया। उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों पर हत्या का मामला दर्ज करने और पीड़ित परिवार को 50-50 लाख रुपए मुआवजा देने की मांग की।

Share on WhatsApp

Share This Article
Leave a Comment