रांची।JPSC भर्ती घोटाले की जांच में चौंकाने वाले दावे सामने आए हैं। CID की पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी और कथित मास्टरमाइंड अभय तिवारी ने 11वीं से 13वीं JPSC परीक्षा में भी अभ्यर्थियों से पैसों की डील होने की बात कही है। उसके मुताबिक इंटरव्यू में नंबर बढ़वाने के लिए लाखों रुपये में सौदे किए जाते थे।
अभय तिवारी ने पूछताछ में दावा किया कि उसने करीब 20 अभ्यर्थियों से लगभग 5 करोड़ 80 लाख रुपये लिए थे। उसके अनुसार FRO के एक पद के लिए 20 से 25 लाख रुपये तक की रकम तय थी, जबकि ACF पद के लिए यह सौदा 30 से 35 लाख रुपये तक पहुंचता था।
इसके अलावा CDPO परीक्षा में भी अभ्यर्थियों से पैसे लेने का दावा किया गया है। अभय तिवारी के मुताबिक, इस परीक्षा के लिए TDPL की ओर से अभ्यर्थी उपलब्ध कराए गए थे और प्रति अभ्यर्थी 10 लाख रुपये का रेट बताया गया था।
पूछताछ में एक अभ्यर्थी रजक का भी जिक्र किया गया है। उसके इंटरव्यू बोर्ड की अध्यक्षता एल. खियांगते कर रहे थे। दावा है कि रामवीर सिंह से बातचीत के बाद चेयरमैन को 15 लाख रुपये दिए गए थे।
वहीं काजल भारती के इंटरव्यू बोर्ड का जिक्र करते हुए अभय तिवारी ने कथित तौर पर बताया कि बोर्ड भट्टाचार्य के पास था और उनके पीए ब्रजराम को 10 लाख रुपये दिए गए थे।
CID की पूछताछ में सामने आए अभय तिवारी के बयान के साथ रामवीर सिंह के कथित कबूलनामे का भी उल्लेख किया गया है। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगी।





