कोरबा को यूरिया हब बनाने की तैयारी, सांसद बृजमोहन ने संसद समिति में उठाई मांग

Madhya Bharat Desk
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छत्तीसगढ़ का कोरबा आने वाले समय में देश के लिए बड़ा यूरिया उत्पादन केंद्र बन सकता है। सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने जम्मू-कश्मीर के गुलमर्ग में आयोजित संसदीय स्थायी समिति की बैठक में यह मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया। उन्होंने कहा कि कोयले से गैस बनाकर यूरिया तैयार करने की तकनीक पर तेजी से काम किया जाए तो कोरबा देश की उर्वरक जरूरतों को पूरा करने में बड़ी भूमिका निभा सकता है।

बैठक में देश की कई बड़ी उर्वरक कंपनियों और संस्थानों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। इस दौरान सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि अभी भारत को यूरिया उत्पादन के लिए बड़ी मात्रा में प्राकृतिक गैस विदेशों से मंगानी पड़ती है। इससे आयात पर निर्भरता बढ़ती है और देश पर आर्थिक बोझ भी पड़ता है। ऐसे में कोल गैसीफिकेशन तकनीक एक मजबूत विकल्प बन सकती है।

उन्होंने कहा कि कोरबा में कोयले का भरपूर भंडार मौजूद है। इसके अलावा बिजली, जमीन और औद्योगिक ढांचा जैसी सुविधाएं पहले से उपलब्ध हैं, इसलिए यहां यूरिया प्लांट लगाने की संभावनाएं सबसे ज्यादा हैं।

सांसद ने कहा कि अगर कोरबा में नया यूरिया संयंत्र शुरू होता है तो इससे प्रदेश में उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और हजारों युवाओं को रोजगार मिलेगा। साथ ही छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश आत्मनिर्भर भारत की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और छत्तीसगढ़ ऊर्जा व औद्योगिक क्षेत्र में अहम योगदान देने की क्षमता रखता है।

बैठक में राष्ट्रीय उर्वरक लिमिटेड (NFL), राष्ट्रीय रसायन एवं उर्वरक लिमिटेड (RCF), FACT, BVFCL, MFL, RFCL और HURL समेत कई सरकारी उर्वरक कंपनियों के अधिकारी मौजूद रहे।

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