कोरबा के “बुका” क्षेत्र में आज जल, जंगल और जमीन के अधिकारों को लेकर आदिवासी समुदाय का एक बड़ा महासम्मेलन हुआ।
इस कार्यक्रम में हसदेव (मिनीमाता बांगो) जलाशय समेत प्रदेश के अलग-अलग जलाशयों से विस्थापित हुए आदिवासी लोग, पारंपरिक मछुआरा समुदाय और मत्स्य समितियों के प्रतिनिधि शामिल हुए। सभी ने अपने हक और अधिकारों की मांग उठाई।

लोगों ने कहा कि सरकार की वर्तमान मत्स्य नीति दमनकारी है, इसलिए इसे वापस लिया जाए और जलाशयों में ठेका प्रणाली को खत्म किया जाए। उनका कहना है कि जल, जंगल और जमीन पर सबसे पहला अधिकार स्थानीय मूल निवासियों का होना चाहिए।


इस मौके पर पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज, पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव, कोरबा सांसद ज्योत्सना महंत, पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल, प्रेमसाय टेकाम, विधायक जनकराम ध्रुव, हरीश परसाई, प्रशांत मिश्रा, राजकिशोर प्रसाद, आदित्य शरण सिंहदेव, सूरज महंत समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।






