अमेरिका–ईरान तनाव से तेल बाजार में उछाल; महंगाई का खतरा बढ़ा

Madhya Bharat Desk
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अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। संयुक्त अरब अमीरात ने दावा किया है कि ईरान ने उसके इलाके में मिसाइलें दागीं, जिससे फुजैराह तेल टर्मिनल पर आग लग गई। इस घटना ने वैश्विक ऊर्जा बाजार में हड़कंप मचा दिया है।

तनाव बढ़ने का सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर दिखा। WTI कच्चा तेल $105 प्रति बैरल के पार चला गया, जबकि ब्रेंट कच्चा तेल $114 प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गया। हालांकि मंगलवार, 5 मई 2026 को कीमतों में हल्की नरमी देखी जा रही है, लेकिन हालात अभी भी अस्थिर बने हुए हैं।

होरमुज़ जलडमरूमध्य बना तनाव का केंद्र

होरमुज़ जलडमरूमध्य में फिर से गोलीबारी की खबरों ने संघर्ष विराम पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले कहा था कि ईरान पर हमला नहीं किया जाएगा और संघर्ष विराम जारी रहेगा, लेकिन मौजूदा हालात इससे उलट संकेत दे रहे हैं।

इस अहम समुद्री मार्ग के बाधित होने से वैश्विक सप्लाई चेन प्रभावित हो रही है। कई व्यापारिक जहाज फंसे हुए हैं और स्थिति सामान्य होने के आसार फिलहाल नजर नहीं आ रहे।

भारत पर क्या असर?

होरमुज़ मार्ग से तेल आपूर्ति बाधित होने का सीधा असर भारत जैसे आयात-निर्भर देशों पर पड़ रहा है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से देश का आयात बिल बढ़ सकता है और आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल महंगे होने की आशंका भी जताई जा रही है।

हालांकि पेट्रोलियम मंत्रालय ने फिलहाल कीमतें न बढ़ाने का संकेत दिया है, लेकिन बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अगर तनाव लंबा खिंचता है, तो आम जनता को झटका लग सकता है।

देश के बड़े शहरों में आज के दाम (₹/लीटर):

  • दिल्ली: पेट्रोल 94.77 | डीजल 87.67
  • कोलकाता: पेट्रोल 105.45 | डीजल 92.02
  • मुंबई: पेट्रोल 103.50 | डीजल 90.03
  • चेन्नई: पेट्रोल 100.93 | डीजल 92.48
  • बेंगलुरु: पेट्रोल 102.92 | डीजल 90.99
  • नोएडा: पेट्रोल 94.74 | डीजल 87.81

अमेरिका–ईरान टकराव अगर जल्द नहीं थमा, तो इसका असर सिर्फ मिडिल ईस्ट तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि दुनिया भर में महंगाई और ऊर्जा संकट को और गहरा कर सकता है।

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