कोलकाता, 29 अप्रैल 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण में 142 सीटों पर वोटिंग के दौरान मतदाताओं का जबरदस्त उत्साह देखने को मिला, लेकिन हिंसा और सियासी टकराव ने माहौल को गरमा दिया।
निर्वाचन आयोग ऑफ इंडिया (ECI) के अनुसार, सुबह 11 बजे तक 39.97 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो तेज गर्मी और कई इलाकों में बारिश के बावजूद जनता की लोकतांत्रिक जागरूकता को दर्शाता है। सुबह 5:30 बजे से ही पोलिंग बूथों पर लंबी-लंबी कतारें लग गईं, जिसमें महिलाओं की भागीदारी विशेष रूप से सराहनीय रही।
कुल 3.21 करोड़ से अधिक मतदाता 1448 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला कर रहे हैं। 41,001 पोलिंग स्टेशनों पर 2300 से ज्यादा सुरक्षा कंपनियों की तैनाती के बावजूद कुछ इलाकों में अशांति की खबरें आ रही हैं। दक्षिण 24 परगना जिले के बसंती क्षेत्र में भाजपा उम्मीदवार बिकाश सरदार की कार पर हमले ने तनाव बढ़ा दिया।
सरदार ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) कार्यकर्ताओं पर तोड़फोड़, सुरक्षाकर्मियों से हथियार छीनने की कोशिश और मारपीट का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “जब एक उम्मीदवार सुरक्षित नहीं, तो आम जनता की क्या गारंटी?” इस घटना के बाद स्थानीय माहौल तनावपूर्ण हो गया।
भवानीपुर सीट पर हाई-वोल्टेज ड्रामा भी सुर्खियों में रहा। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी एक ही मतदान केंद्र के बाहर पहुंच गए, जिससे आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर मतदाताओं को डराने का इल्जाम लगाया। चुनाव आयोग ने हिंसा और बमबाजी रोकने के लिए नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) की तैनाती की है, जबकि केंद्रीय सुरक्षा बलों की भारी फौज भी लगाई गई है।
यह चरण पश्चिम बंगाल की राजनीति की बड़ी परीक्षा बन गया है, जहां लोकतंत्र की मजबूती के साथ-साथ कानून-व्यवस्था की चुनौतियां सामने आ रही हैं। वोटिंग शाम 6 बजे तक चलेगी, और परिणाम 4 मई में घोषित होने की उम्मीद है।



