रायपुर। छत्तीसगढ़ के चर्चित आबकारी (शराब) घोटाले से जुड़े मामले में पूर्व कांग्रेस सरकार में डिप्टी सेक्रेटरी रहीं सौम्या चौरसिया को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। अदालत ने कुछ शर्तों के साथ उन्हें राहत दी है। हालांकि कानूनी पेंचों के चलते उनका तुरंत जेल से बाहर आना अभी संभव नहीं दिख रहा है।
सौम्या चौरसिया पहले ही कोयला घोटाले के आरोपों में गिरफ्तार की जा चुकी थीं। उस मामले में लंबी न्यायिक हिरासत के बाद सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें जमानत प्रदान की थी। लेकिन बाद में प्रवर्तन निदेशालय (ED) और राज्य की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने आबकारी घोटाले के सिलसिले में उन्हें फिर से गिरफ्तार कर लिया था।
गिरफ्तारी के बाद सौम्या ने हाईकोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की थी, जिसे पहले खारिज कर दिया गया था। इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। 9 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें दोबारा हाईकोर्ट जाने का निर्देश दिया।
इसके बाद सौम्या चौरसिया ने हाईकोर्ट में दो अलग-अलग याचिकाएं दायर कर ED और EOW द्वारा की गई गिरफ्तारी को चुनौती दी। उनके वकील ने सुप्रीम कोर्ट में दलील दी कि केंद्रीय और राज्य जांच एजेंसियां लगातार नए मामले दर्ज कर उन्हें बार-बार हिरासत में ले रही हैं, जो राजनीतिक साजिश का हिस्सा है।
बताया जा रहा है कि अब तक उन्हें छह बार अलग-अलग मामलों में गिरफ्तार या हिरासत में लिया जा चुका है।
मामला अब भी कानूनी प्रक्रिया में है और आने वाले दिनों में अदालत के अगले कदम पर सभी की नजरें टिकी हैं।







