खाड़ी में अमेरिकी ठिकाने दहले, कतर से इराक तक मिसाइल हमले

Madhya Bharat Desk
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पश्चिम एशिया में तनाव खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। संयुक्त सैन्य कार्रवाई में इज़राइल और संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा ईरान के कई ठिकानों पर हमले के बाद अब ईरान ने जोरदार जवाबी कार्रवाई की है। हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि खाड़ी क्षेत्र में तैनात अमेरिकी सैन्य ठिकाने भी मिसाइलों के निशाने पर आ गए हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इज़राइल-अमेरिका के संयुक्त हमलों में ईरान के करमनशाह, कोम, इस्फहान, तेहरान और करज जैसे शहर प्रभावित हुए। दक्षिणी हिस्से में कोनारक स्थित नौसैनिक अड्डे पर भी हमले की खबर है। वहीं, होरमोजगान प्रांत के मिनाब शहर में एक स्कूल को नुकसान पहुंचने की सूचना सामने आई है। कुर्द बहुल क्षेत्र के काम्यारान में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) के एक बेस को निशाना बनाया गया, जबकि जंजन में भी धमाकों की आवाजें सुनी गईं।

 ईरान का पलटवार: किन-किन देशों में अमेरिकी ठिकाने बने निशाना?

हमलों के जवाब में ईरान ने पश्चिम एशिया में फैले अमेरिकी सैन्य अड्डों पर मिसाइलें दागीं। जिन देशों में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया गया, उनमें शामिल हैं:

1. कतर – अल उदैद एयर बेस

कतर स्थित अल उदैद एयर बेस अमेरिका का सबसे बड़ा सैन्य अड्डा माना जाता है। यहां अमेरिकी सेंटकॉम के फॉरवर्ड ऑपरेशन, एयर फोर्स यूनिट्स और विशेष बल तैनात हैं। कतर ने दावा किया कि उसकी एयर डिफेंस प्रणाली ने मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया और कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ।

2. कुवैत – अली अल सलेम एयर बेस

कुवैत में स्थित यह बेस अमेरिकी 386वें एयर एक्सपेडिशनरी विंग का संचालन केंद्र है। यहां से ड्रोन ऑपरेशन और एयरलिफ्ट मिशन चलाए जाते हैं। धमाकों की आवाजें जरूर सुनी गईं, लेकिन बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं हुई।

3. यूएई – अल धफरा एयर बेस

संयुक्त अरब अमीरात के अबू धाबी के पास मौजूद इस बेस पर भी मिसाइल हमले हुए। यूएई ने कई मिसाइलों को इंटरसेप्ट करने का दावा किया। हालांकि, एक रिहायशी इलाके में गिरे मलबे से एक विदेशी नागरिक की मौत और कुछ संपत्ति को नुकसान हुआ।

4. बहरीन – अमेरिकी पांचवां बेड़ा

बहरीन की राजधानी मनामा में अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े का मुख्यालय है। यहां भी मिसाइल हमले की पुष्टि हुई है, हालांकि नुकसान का स्पष्ट ब्योरा सामने नहीं आया।

5. इराक – इरबिल और जर्फ अल-सखर

इराक के उत्तरी शहर इरबिल में स्थित अमेरिकी बेस के पास धमाके सुने गए। वहीं जर्फ अल-सखर इलाके में हमलों में क़तैब हिजबुल्ला के लड़ाकों के हताहत होने की खबर है। हालात को देखते हुए इराक ने एहतियातन अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया।

6. जॉर्डन

जॉर्डन ने बताया कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने दो बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया। देश में किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है।

 क्षेत्रीय तनाव चरम पर

कुछ अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स में सऊदी अरब की राजधानी रियाद में भी धमाकों की आवाजें सुनाई देने का दावा किया गया है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि यह किसी मिसाइल हमले का परिणाम था या एयर डिफेंस सिस्टम की कार्रवाई।

पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव ने वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। तेल आपूर्ति, समुद्री व्यापार मार्ग और क्षेत्रीय सुरक्षा पर इसका सीधा असर पड़ सकता है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय अब हालात को काबू में लाने के लिए कूटनीतिक प्रयासों पर जोर दे रहा है।

ईरान और इज़राइल-अमेरिका के बीच बढ़ती सैन्य भिड़ंत ने पूरे पश्चिम एशिया को अस्थिर कर दिया है। अमेरिकी सैन्य अड्डों को निशाना बनाए जाने से संघर्ष के और फैलने की आशंका गहरा गई है। फिलहाल सभी देश अपनी-अपनी सुरक्षा मजबूत कर रहे हैं और हालात पर पैनी नजर रखे हुए हैं।

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