बिलासपुर।मानसून अब छत्तीसगढ़ की ओर तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन बिलासपुर नगर निगम की तैयारियां अभी भी अधूरी नजर आ रही हैं। शहर में नाला सफाई अभियान चलाए जाने के बावजूद बड़ी संख्या में नाले और नालियां अब भी कचरे, गाद और मलबे से भरी हुई हैं। ऐसे में लोगों को आशंका है कि पहली ही तेज बारिश के साथ शहर के कई इलाकों में फिर जलभराव की समस्या खड़ी हो सकती है।
जानकारी के अनुसार शहर के लगभग 40 से 50 प्रतिशत छोटे-बड़े नाले और नालियों की सफाई अब तक पूरी नहीं हो पाई है। कई प्रमुख नालों में अभी भी गंदगी जमा है, जिससे बारिश के दौरान पानी निकासी प्रभावित होने की संभावना बनी हुई है।
हर साल की तरह इस बार भी नगर निगम ने मानसून पूर्व सफाई अभियान चलाया, लेकिन जमीनी स्थिति कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। मुख्य सड़कों से लेकर वार्डों की अंदरूनी गलियों तक कई स्थानों पर नालियां जाम हैं। यदि समय रहते सफाई पूरी नहीं हुई तो बारिश का पानी सड़कों और रिहायशी क्षेत्रों में भर सकता है।
शहरवासियों का कहना है कि नाला सफाई के नाम पर हर वर्ष करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन बारिश आते ही हालात जस के तस दिखाई देते हैं। कई इलाकों में सड़कें तालाब में तब्दील हो जाती हैं, घरों और दुकानों में पानी घुस जाता है और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
इन इलाकों में हर साल बढ़ती है परेशानी
बारिश के दौरान हंसा विहार, श्रीकांत वर्मा मार्ग, लिंक रोड, पुराना बस स्टैंड क्षेत्र, कश्यप कॉलोनी, मंगला, शांति नगर, अज्ञेय नगर, जरहाभाठा के अंदरूनी हिस्से, नदी किनारे के मोहल्ले और सरकंडा के कई क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बन जाती है। तेज बारिश के बाद इन इलाकों में सामान्य जनजीवन प्रभावित हो जाता है।
नालियां जाम, तो पानी का निकास भी बंद
विशेषज्ञों का मानना है कि नालों में जमा कचरा और गाद पानी के बहाव को रोक देती है। नतीजतन बारिश का पानी ओवरफ्लो होकर आसपास की बस्तियों और सड़कों पर फैल जाता है। यही स्थिति आगे चलकर जलभराव का कारण बनती है। इस बार भी सफाई कार्य पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है, जिससे लोगों की चिंता बढ़ गई है।
निगम का दावा – समय पर पूरा होगा काम
नगर निगम आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे का कहना है कि शहर की 50 प्रतिशत से अधिक नाले-नालियों की सफाई पूरी की जा चुकी है। बाकी कार्य को तेजी से पूरा करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं। उनका दावा है कि बारिश शुरू होने से पहले सफाई अभियान पूरा कर लिया जाएगा। साथ ही यदि किसी क्षेत्र में जलभराव की स्थिति बनती है तो वहां राहत दल तैनात कर तत्काल व्यवस्था संभाली जाएगी।






