रायपुर। मध्य प्रदेश के 1160 करोड़ रुपये के फोर्टिफाइड चावल घोटाले की जांच अब छत्तीसगढ़ तक पहुंच गई है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि छिंदवाड़ा के एथेनॉल प्लांट के लिए भेजा गया सरकारी चावल राजनांदगांव की एक राइस मिल तक पहुंचा था।
इस मामले में भाजपा नेता और पूर्व मंत्री रामकिशोर कांवरे के परिवार से जुड़ी हर्ष इंडस्ट्रीज भी जांच के दायरे में आ गई है। पुलिस ने मिल के पार्टनर विनोद शर्मा को गिरफ्तार किया है, जबकि परिवार के अन्य सदस्यों से भी पूछताछ की जा चुकी है। जांच टीम ने फैक्ट्री से DVR समेत कई अहम दस्तावेज अपने कब्जे में लिए हैं।
पुलिस का कहना है कि CCTV फुटेज और रजिस्टर में दर्ज एंट्री से सरकारी चावल के राइस मिल तक पहुंचने के सबूत मिले हैं। इस मामले में अब तक 18 लोगों को आरोपी बनाया गया है, जबकि 12 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि सरकारी चावल की हेराफेरी का पूरा नेटवर्क आखिर कैसे काम कर रहा था।





