रायपुर। “सर्व छत्तीसगढ़िया किसान समाज” के तत्वावधान में निकाली जा रही छत्तीसगढ़ी महतारी अस्मिता रथ यात्रा को पंडरिया विधानसभा क्षेत्र के कई गांवों में व्यापक जनसमर्थन मिल रहा है। गौरमाटी, रणवीरपुर और गोछिया सहित आसपास के गांवों में रथ यात्रा का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया। छत्तीसगढ़ी महतारी की आरती उतारकर ग्रामीणों ने अपनी आस्था और जुड़ाव का परिचय दिया।
इस दौरान संगठन ने युद्धस्तर पर सदस्यता अभियान भी चलाया, जिसमें बड़ी संख्या में किसानों, युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों ने भाग लेकर “सर्व छत्तीसगढ़िया किसान समाज” की सदस्यता ग्रहण की।
रथ यात्रा का नेतृत्व किसान नेता महेंद्र सिंह कौशिक, लालाराम वर्मा, जगदम्बा साहू, गणेश कौशिक और अन्य पदाधिकारियों ने किया। गांव-गांव में आयोजित सभाओं में नेताओं ने छत्तीसगढ़ की भाषा, संस्कृति और अस्मिता के संरक्षण पर जोर दिया।
सभा को संबोधित करते हुए किसान नेता लालाराम वर्मा ने कहा कि समय आ गया है जब छत्तीसगढ़िया समाज को अपने अधिकारों के लिए सजग और संगठित होना होगा। उन्होंने युवाओं से विशेष अपील करते हुए कहा कि वे अपने अधिकारों की रक्षा के लिए आगे आएं और किसी भी प्रकार के शोषण के खिलाफ एकजुट होकर संघर्ष करें।
वहीं महेंद्र सिंह कौशिक ने कहा कि छत्तीसगढ़ी महतारी और प्रदेश की समृद्ध परंपराओं को बार-बार नजरअंदाज करने वालों के खिलाफ सामूहिक आवाज उठाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि अस्मिता रथ यात्रा का उद्देश्य छत्तीसगढ़ के इतिहास पुरुषों और सांस्कृतिक विरासत को सम्मान दिलाना है।
बताया गया कि 2 से 6 मार्च तक रथ गोछिया में विश्राम करेगा और 7 मार्च से पुनः शहर-शहर और गांव-गांव भ्रमण कर जनजागरण अभियान को आगे बढ़ाएगा।

रथ यात्रा के दौरान बरदो, मिनमिनिया, घौंधा, बोडला, मुड़ियापारा, पोड़ी, भीखमपुर, नवागांव और गौरमाटी जैसे गांवों में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी देखने को मिली।
संयोजक जागेश्वर प्रसाद ने बताया कि यह अभियान पूरे प्रदेश में चरणबद्ध तरीके से चलाया जा रहा है, जिससे छत्तीसगढ़ की अस्मिता और किसान समाज को मजबूत आधार मिल सके।



