छत्तीसगढ़ में 20 से ज्यादा अफसरों की ट्रांसफर लिस्ट तैयार

Madhya Bharat Desk
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रायपुर।छत्तीसगढ़ की प्रशासनिक व्यवस्था में नए साल की शुरुआत बड़े बदलाव के साथ होने वाली है। राज्य की ब्यूरोक्रेसी में जल्द ही एक व्यापक IAS फेरबदल देखने को मिल सकता है। प्रशासनिक सूत्रों की मानें तो वर्ष 2026 की यह पहली और अब तक की सबसे बड़ी IAS तबादला सूची हो सकती है, जिसमें कलेक्टर से लेकर सचिव स्तर तक के 20 से अधिक अधिकारी प्रभावित होंगे।

बताया जा रहा है कि यह जंबो ट्रांसफर लिस्ट किसी भी दिन जारी की जा सकती है। सरकार की ओर से कई जिलों और प्रमुख विभागों में एक साथ बदलाव की रणनीति तैयार कर ली गई है।

 क्यों जरूरी हुआ बड़ा फेरबदल?

सूत्रों के मुताबिक, कुछ जिलों के कलेक्टर केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जा रहे हैं, जबकि कई अधिकारी लंबे समय से एक ही पद पर बने हुए हैं। ऐसे में सरकार रूटीन प्रशासनिक संतुलन के तहत एक साथ कई अहम पदों पर नए अधिकारियों की नियुक्ति करने जा रही है।

 बलौदाबाजार और जगदलपुर में कलेक्टर बदलना तय

बलौदाबाजार के कलेक्टर दीपक सोनी को केंद्र सरकार में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में निदेशक नियुक्त किया गया है। केंद्र सरकार ने उनकी रिलीविंग को लेकर राज्य के मुख्य सचिव को आधिकारिक पत्र भी भेज दिया है। ऐसे में बलौदाबाजार में जल्द नए कलेक्टर की तैनाती लगभग तय मानी जा रही है।

वहीं जगदलपुर कलेक्टर हरिस एस. भी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जा रहे हैं। उन्हें भारत सरकार के उद्योग विभाग में उप सचिव बनाया गया है। दोनों महत्वपूर्ण जिलों में एक साथ प्रशासनिक बदलाव की तैयारी पूरी कर ली गई है।

 सचिव स्तर पर भी बड़े बदलाव के संकेत

राज्य सचिवालय में भी बड़ा फेरबदल होने जा रहा है। वरिष्ठ IAS अधिकारी डॉ. प्रियंका शुक्ला को केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘माय यंग भारत’ की पहली नियमित CEO नियुक्त किया गया है। उनके केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने के बाद समग्र शिक्षा और पाठ्यपुस्तक निगम जैसे अहम विभागों में नई जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी।

इसके अलावा स्वास्थ्य, शिक्षा और नगरीय प्रशासन जैसे प्रमुख विभागों में भी सचिव बदले जाने की चर्चा है। सूत्रों के अनुसार शहला निगार को स्वास्थ्य विभाग की कमान सौंपी जा सकती है। वहीं अपर मुख्य सचिव मनोज पिंगुआ के भी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने की अटकलें तेज हैं।

 जिलों में लंबे समय से जमे कलेक्टर भी रडार पर

प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि जिन जिलों में दो साल या उससे अधिक समय से कलेक्टर पद पर कोई बदलाव नहीं हुआ है, वहां भी तबादले तय माने जा रहे हैं। इसे सरकार का रूटीन लेकिन व्यापक प्रशासनिक कदम बताया जा रहा है।

यदि सभी औपचारिक प्रक्रियाएं समय पर पूरी हो जाती हैं, तो बहुप्रतीक्षित IAS तबादला सूची अगले सप्ताह किसी भी दिन सार्वजनिक की जा सकती है।

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