अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान में भड़क रहे विरोध प्रदर्शनों को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने ईरानी हुकूमत को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसा की गई या उन्हें जान से नुकसान पहुंचाया गया, तो अमेरिका चुप नहीं बैठेगा और सीधे हस्तक्षेप करेगा। ट्रंप ने दो टूक कहा कि अमेरिका वहां हमला करेगा, जहां ईरान को सबसे ज्यादा नुकसान महसूस होगा।
ईरान में इस वक्त हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। महंगाई आसमान छू रही है, राष्ट्रीय मुद्रा की कीमत गिर चुकी है और आम लोगों में गुस्सा चरम पर है। बड़ी संख्या में नागरिक सड़कों पर उतर आए हैं और सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के शासन के खिलाफ खुलकर नारेबाजी कर रहे हैं। कई शहरों में हालात बेकाबू होते नजर आ रहे हैं।
इन हालातों पर अमेरिका भी लगातार नजर बनाए हुए है। व्हाइट हाउस में तेल और गैस कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान मीडिया से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान की स्थिति पर बहुत करीब से नजर रख रहा है। उन्होंने कहा, “ईरान इस समय गंभीर संकट में है। लोग ऐसे शहरों में नियंत्रण हासिल कर रहे हैं, जिसकी किसी ने कल्पना तक नहीं की थी।”
ट्रंप ने ईरानी नेतृत्व को सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने पहले की तरह प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलानी शुरू कीं, तो अमेरिका भी जवाब देगा। उन्होंने साफ किया कि इसका मतलब अमेरिकी सेना को जमीन पर उतारना नहीं है, लेकिन यह जरूर तय है कि कार्रवाई ऐसी जगह की जाएगी, जहां सबसे ज्यादा असर पड़े।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने आगे कहा कि ईरानी शासन ने अपनी ही जनता के साथ बेहद खराब व्यवहार किया है और अब उसे इसका परिणाम भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी, लेकिन साथ ही यह भी जोड़ा कि अगर हत्या और दमन का रास्ता अपनाया गया, तो अमेरिका खामोश नहीं रहेगा।
ट्रंप ने अंत में दोहराया कि ईरान इस समय बेहद खतरनाक दौर से गुजर रहा है और वहां के नेताओं के लिए यही बेहतर होगा कि वे हिंसा से दूर रहें, क्योंकि अमेरिका हर कदम पर हालात पर नजर रखे हुए है।



