मध्य पूर्व के सबसे संवेदनशील समुद्री रास्तों में से एक स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज इस समय खौफ और अनिश्चितता के साये में है। इसी बीच एक भारतीय तेल टैंकर से सामने आई कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग ने हालात की गंभीरता को और बढ़ा दिया है।
बताया जा रहा है कि टैंकर ‘सनमार हेराल्ड’ पर मौजूद एक भारतीय अधिकारी की आवाज इस ऑडियो में सुनाई देती है, जो बेहद घबराए लहजे में ईरानी नौसेना से सवाल कर रहा है
“आपने ही आगे बढ़ने की अनुमति दी थी, अब आप फायरिंग क्यों कर रहे हैं? मुझे वापस जाने दीजिए…”
Audio of the Indian oil tanker Sanmar Herald pleading with Iranian forces to stop shooting at it in the Strait of Hormuz this morning. pic.twitter.com/7Y5n7Jb7o0
— OSINTtechnical (@Osinttechnical) April 18, 2026
हालांकि इस ऑडियो की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है, लेकिन इसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता जरूर बढ़ा दी है।
दो भारतीय जहाजों पर हमला
सूत्रों के मुताबिक, स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से गुजर रहे दो भारतीय जहाजों को निशाना बनाया गया। इनमें ‘जग अर्नव’ नाम का बल्क कैरियर भी शामिल है, जो सऊदी अरब के अल जुबैल से भारत लौट रहा था। वहीं ‘सनमार हेराल्ड’ इराक से कच्चा तेल लेकर आ रहा था।
हमले उस समय हुए जब दोनों जहाज इस बेहद अहम समुद्री मार्ग से गुजर रहे थे, जहां से दुनिया का करीब 20% कच्चा तेल ट्रांजिट होता है।
क्यों भड़का तनाव?
28 फरवरी को ईरान पर यूनाइटेड स्टेट्स और इजरायल के हमलों के बाद से यह इलाका लगातार तनाव में है। हालात इतने नाजुक हैं कि किसी भी वक्त स्थिति और बिगड़ सकती है।
भारत का सख्त रुख
घटना के बाद भारत सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। मिनिस्ट्री ऑफ एक्टरनल अफेयर्स ने ईरानी राजदूत को तलब कर इस घटना पर गहरी नाराजगी जताई। भारत ने साफ कहा है कि उसके जहाजों और नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और सुरक्षित मार्ग तुरंत उपलब्ध कराया जाए।
शांति दूर, खतरा बरकरार
ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालबाफ ने भी साफ कर दिया है कि जब तक अमेरिकी दबाव कम नहीं होता, तब तक यह जलमार्ग पूरी तरह सुरक्षित नहीं हो पाएगा।
फिलहाल दो हफ्ते का युद्धविराम खत्म होने की कगार पर है। अगर इसे आगे नहीं बढ़ाया गया, तो स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में तनाव और बढ़ सकता है।
भारत के लिए क्या खतरा?
यह मामला सिर्फ कूटनीति तक सीमित नहीं है। भारत की ऊर्जा सप्लाई, व्यापार और हजारों नाविकों की जान सीधे इस संकट से जुड़ी हुई है। ऐसे में आने वाले दिनों में हालात किस दिशा में जाते हैं, इस पर पूरी दुनिया की नजर टिकी हुई है।







