दिल्ली में पुतिन की एंट्री! मोदी-पुतिन की गुप्त डिनर डिप्लोमेसी से क्या बदलेगा एशिया का गेम?

Madhya Bharat Desk
2 Min Read

नई दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय कूटनीति का बड़ा पल देखने को मिला, जब रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन लगभग दो साल बाद भारत की ज़मीन पर कदम रखे। यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद यह उनकी पहली भारत यात्रा है, जिसने वैश्विक राजनीति के गलियारों में हलचल बढ़ा दी है।

पालम एयरपोर्ट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद पुतिन का स्वागत किया। दोनों नेताओं के बीच गर्मजोशी भरी मुलाकात के बाद पीएम मोदी आज रात उनके सम्मान में निजी रात्रिभोज की मेजबानी कर रहे हैं। पुतिन करीब 30 घंटे भारत में रहेंगे, लेकिन यह 30 घंटे एशिया की रणनीति को नए मोड़ देने वाले साबित हो सकते हैं।

दिलचस्प यह है कि पुतिन के पहुंचने से पहले ही रूस का एक हाई-पावर डेलिगेशन दिल्ली में मौजूद था—

  • उप प्रधानमंत्री डेनिस मांतुरोव
  • रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगु
  • कृषि मंत्री दिमित्री पेट्रोव
    सहित कई बड़े अधिकारी पहले से यहां डेरा डाले हुए हैं।

इससे साफ है कि अगले दो दिनों में भारत-रूस के बीच रक्षा, ऊर्जा, व्यापार और रणनीतिक साझेदारी पर कई महत्वपूर्ण वार्ताएँ होंगी।

2000 में वाजपेयी और पुतिन द्वारा शुरू की गई रणनीतिक साझेदारी के 25 साल पूरे होने पर यह दौरा और भी खास हो जाता है। माना जा रहा है कि मंगलवार को दोनों देशों के बीच 9 अहम समझौतों पर हस्ताक्षर हो सकते हैं। इनमें बड़े स्तर पर रक्षा खरीदें शामिल हो सकती हैं—
खासकर अतिरिक्त S-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम और इसके उन्नत संस्करण S-500 की संभावित डील।

सूत्रों के मुताबिक मई में हुए ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना ने S-400 सिस्टम का इस्तेमाल पाकिस्तान के लड़ाकू विमानों के खिलाफ किया था। इसके बाद भारत की सुरक्षा क्षमता बढ़ाने के लिए रूस के साथ यह डील बेहद अहम मानी जा रही है।

Share on WhatsApp

Share This Article
Leave a Comment