छत्तीसगढ़ में अब रेत माफियाओं ने अवैध रेत खनन का नया रास्ता ढूंढ लिया है। बीजापुर में इंद्रावती नदी का जलस्तर कम होते ही रेत माफियाओं ने नदी के बीचों-बीच कच्ची सड़क बना दी। इस अस्थायी सड़क का इस्तेमाल अवैध रेत खनन और उसके परिवहन को आसान बनाने के लिए किया जा रहा था।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि इस पूरे खेल में तेलंगाना के कुछ ठेकेदार सक्रिय हैं, जो लंबे समय से यहां रेत की तस्करी कर रहे हैं। लोगों का आरोप है कि यह सब काम खुलेआम हो रहा था, लेकिन जिम्मेदार विभागों को इसकी भनक तक नहीं लगी।
मामले की सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया। मौके पर एसडीएम और तहसीलदार की टीम पहुंची और तत्काल कार्रवाई करते हुए नदी के बीच बनाई गई सड़क को पाट दिया गया।
पर इस घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर नदी के भीतर सड़क का निर्माण और भारी मशीनों की आवाजाही स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग बिना किसी की नजर में आए कैसे होती रही?
एसडीएम का कहना है कि इस पूरे मामले में पंचायत सचिव की भूमिका संदिग्ध है और उसी के जरिए यह काम करवाया गया। प्रशासन ने कार्रवाई तो कर दी है, लेकिन यह सवाल अभी भी है कि इतनी बड़ी लापरवाही आखिर कैसे हुई।



