रायपुर। भगवान श्रीराम देशभर में पूज्य हैं और करोड़ों लोगों की आस्था का प्रतीक माने जाते हैं। सत्ताधारी दल भाजपा एक ओर “रामराज्य” की बात करता है, वहीं दूसरी ओर उसके शासनकाल में कक्षा चौथी के बच्चों की इंग्लिश परीक्षा में भगवान श्रीराम के पवित्र नाम को आपत्तिजनक संदर्भ में शामिल किए जाने का मामला सामने आया है। इस घटना ने न केवल धार्मिक भावनाओं को आहत किया है, बल्कि राज्य की शिक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मामला छत्तीसगढ़ में आयोजित कक्षा चौथी की इंग्लिश परीक्षा के प्रश्नपत्र से जुड़ा है। आरोप है कि प्रश्नपत्र में पूछे गए एक सवाल “मोना के डॉग का नाम क्या है?” के विकल्पों में भगवान श्रीराम का नाम शामिल किया गया, जिसे लोगों ने बेहद आपत्तिजनक बताया है।
इस कथित लापरवाही के सामने आते ही राजनीतिक और सामाजिक संगठनों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। आलोचकों का कहना है कि यह महज एक तकनीकी भूल नहीं, बल्कि संवेदनशील धार्मिक विषयों को लेकर शिक्षा विभाग की गंभीर असंवेदनशीलता को दर्शाता है।
विरोध कर रहे लोगों का कहना है कि जिस शासन में भगवान राम के नाम पर राजनीति की जाती है, उसी शासन में बच्चों की परीक्षा में श्रीराम के नाम को इस तरह के संदर्भ में जोड़ना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक है।
मामले को लेकर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है। साथ ही प्रश्नपत्र निर्माण प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कर भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की भी मांग उठ रही है।



